अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के जरिए सीबीआई को भेजे गए अबू धाबी के अधिकारियों के अनुरोध पर अरुण कुमार, मधु सूदन, विनोद वासुदेवन, संजय कुमार दत्ता और मेटी एस्लेव जोसेफ के खिलाफ चार अलग-अलग मामलों में मामला दर्ज किया है।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 2000 में एक द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया था, 'अनुबंध करने वाले राज्यों (देशों) के नागरिकों को दूसरे अनुबंध राज्य को प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा, बशर्ते कि अनुरोध करने वाले राज्य अभियोजन के लिए अपने सक्षम अधिकारियों को मामला प्रस्तुत करेगा। दोनों अनुबंधित राज्यों के कानूनों के तहत इसे अपराध माना जाता है।
उन्होंने कहा कि सीबीआई स्थानीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाएगी और मंत्रालय के जरिए यूएई को परिणाम के बारे में सूचित करेगी।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि मधु सूदन 253,629 एईडी (संयुक्त अरब अमीरात दिरहम) की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित है, जबकि वासुदेवन पर 148,2697 एईडी की धोखाधड़ी के लिए जांच चल रही है, जबकि दत्ता 3,20,000 रुपये और जोसेफ एईडी 279,500 रुपये के गबन के आरोपों का सामना कर रहा है।