सार
सीबीआई ने इंटरपोल के वैश्विक ऑपरेशन हैचई-6 के तहत मई से अगस्त के बीच साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। 8 अपराधी गिरफ्तार किए गए, 59 लाख रुपये नकद जब्त हुए और 30 बैंक खाते बंद किए गए। वॉइस फिशिंग, सेक्सटॉर्शन और निवेश धोखाधड़ी जैसे मामलों पर फोकस रहा।
सीबीआई ने मई से अगस्त के बीच चलाए अभियान में 8 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई इंटरपोल के वैश्विक ऑपरेशन एचएईसीएचआई-6 का हिस्सा थी, जिसमें 40 देशों ने भाग लिया। ऑपरेशन ने वॉइस फिशिंग, ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन, रोमांस स्कैम, निवेश धोखाधड़ी और अवैध जुआ नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग सहित सात प्रमुख साइबर अपराध श्रेणियों को टारगेट किया। सीबीआई के अंतरराष्ट्रीय संचालन विभाग ने एफबीआई, अमेरिकी न्याय विभाग और जर्मन अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई की।
गिरफ्तार अपराधियों के पास से 66,340 डॉलर (करीब 59 लाख रुपये) नकद बरामद किए गए और 30 बैंक खाते बंद किए गए। इसके अलावा, 45 संदिग्धों की पहचान की गई जो ट्रांसनेशनल साइबर अपराधों और ऑनलाइन यौन अपराधों में संलिप्त थे। अधिकारियों ने बताया कि दो आरोपियों को सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिका में नाबालिग लड़कियों को लुभाने और जबरदस्ती अश्लील सामग्री साझा करने के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
दो बड़े अवैध कॉल सेंटर भी बंद किए
सीबीआई ने दो बड़े अवैध कॉल सेंटर भी बंद कराए, जिसके सेंटर नई दिल्ली, अमृतसर, सिलीगुड़ी, और दार्जिलिंग में थे। ये केंद्र अमेरिका और जर्मनी के नागरिकों को धोखाधड़ी के जरिए ठग रहे थे, और खुद को सॉफ्टवेयर कंपनियों के तकनीकी सहायता एजेंट बताकर पैसा ऐंठते थे।
वैश्विक स्तर पर 68,000 बैंक खाते फ्रीज किए गए
इंटरपोल के अनुसार, वैश्विक स्तर पर इस ऑपरेशन के दौरान 34.2 करोड़ डॉलर और 9.7 करोड़ डॉलर की वर्चुअल संपत्ति बरामद हुई। लगभग 68,000 बैंक खाते और 400 क्रिप्टो वॉलेट्स फ्रीज किए गए। इसके अलावा, लगभग 1.6 करोड़ डॉलर संदिग्ध अवैध मुनाफे के रूप में क्रिप्टो वॉलेट्स से बरामद हुए। सीबीआई ने कहा कि जांच अभी भी जारी है और फॉरेंसिक टीम डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर रही है।