पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के ठीक बाद हुई चंद्रकांत रथ की हत्या राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा मुद्दा बन गई थी। सीबीआई ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश से लगातार दो बड़ी गिरफ्तारियां की हैं। केंद्रीय एजेंसी बिना किसी ढिलाई के दोषियों को बेनकाब करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
पश्चिम बंगाल हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में सीबीआई को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रकांत रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश से एक और आरोपी को दबोचा है। अधिकारियों की ओर से मंगलवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसियां बेहद मुस्तैदी से काम कर रही हैं।
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वाराणसी से हुई विनय राय की गिरफ्तारी
जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि ताजा कार्रवाई में यूपी के गाजीपुर के रहने वाले विनय राय को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई की टीम आरोपी विनय राय को कोलकाता की अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है, जहां उसकी रिमांड मांगी जाएगी। गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले, यानी सोमवार को सीबीआई ने इस मामले के मुख्य आरोपी राजकुमार सिंह उर्फ राज सिंह को उत्तर प्रदेश के ही मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों से साफ है कि सीबीआई अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुटी है।
चुनावी नतीजों के बाद हुई थी निर्मम हत्या
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भड़की हिंसा से जुड़ा हुआ है। छह मई को मध्यमग्राम में शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रकांत रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राज्य सरकार की सिफारिश और बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई थी।
सीबीआई की सात सदस्यीय विशेष टीम तैनात
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी ने एक बेहद मजबूत और चाक-चौबंद रणनीति तैयार की है। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली से स्पेशल क्राइम के डीआईजी के नेतृत्व में एक सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस टीम में सीबीआई की अलग-अलग इकाइयों से चुने गए देश के सबसे बेहतरीन और अनुभवी जांच अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि हत्याकांड की तह तक पहुंचा जा सके।