ओडिशा में स्थानीय निकाय के चुनावों के रिजल्ट लगातार आ रहे हैं। शनिवार को जिला परिषद की 464 सीटों के परिणाम घोषित कर दिए गए। घोषित परिणामों में राज्य में सतारुढ़ बीजेडी को 275 सीटें मिली है, तो वहीं बीजेपी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 197 सीटें हासिल की है।
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राज्य में 849 जिला परिषद की सीटें है, जिनमें से 522 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इन परिणामों में कांग्रेस को 38, निर्दलीय और अन्य को 12 सीटें मिली हैं।
#FLASH Odisha Zilla Parisad result of 522 seats out of total 849: BJD 275, BJP 197, Congress 38 & Independent /Others 12 pic.twitter.com/Q3Af7ZFgAg
— ANI (@ANI_news) February 25, 2017
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2012 के पंचायत चुनावों में बीजेपी को 36 सीटें मिली थीं। बीजेडी को नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं कांग्रेस को मुकाबले में ही नहीं दिख रही।
2012 के चुनावों में नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजेडी ने पंचायत चुनावों में इकतरफा जीत दर्ज की थी। उसने 854 सीटों में से 77 प्रतिशत पर कब्जा किया था। कांग्रेस 13 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर थी। 2014 के विधानसभा चुनावों में भी यही सिलसिला जारी रहा और बीजेडी को 147 में से 119 पर विजय मिली। वहीं लोकसभा में चुनावों में 21 में से 20 सीटें उसके पाले में गई थी।
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में भी भाजपा ने जीत का डंका बजाया है। नोटबंदी के बाद एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित 10 महानगरपालिका और 25 जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने भारी जीत दर्ज की है। वहीं, लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद नगर निकाय चुनाव में भी कांग्रेस और एनसीपी की लुटिया डूब गई है।
दस महानगरपालिकाओं में ठाणे को छोड़कर उल्हासनगर, पुणे, नासिक, नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़, अमरावती, अकोला और सोलापुर में बीजेपी का कमल खिला है। पुणे एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार का गढ़ कहा जाता है जिसे बीजेपी ने ध्वस्त कर विजय पताका फहराई है। पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के गृहराज्य सोलापुर में भाजपा ने बंपर जीत हासिल की है। वहीं, नासिक में बीजेपी ने मनसे को पटखनी देकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।
दस महानगरपालिका में किसे कितनी सीटें-रूझान