अमीरों से ज्यादा टैक्स वसूलने वाले सुझाव को वित्त मंत्रालय ने खराब बताया था
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अमीरों और विदेशी कंपनियों से ज्यादा टैक्स वसूलने का सुझाव देने का मामला काफी गरमा गया है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) ने तीन वरिष्ठ आईआरएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
सूत्रों की मानें तो सीबीडीटी ने इन आईआरएस अधिकारियों पर अनधिकृत रूप से टैक्स बढ़ाने की रिपोर्ट बनाने और युवा अधिकारियों को गुमराह करने के लिए नीति अनिश्चितता और घबराहट पैदा करने के मामले में चार्जशीट जारी की है।
दरअसल यह मामला तब गरमा गया जब अमीरों और विदेशी कंपनियों से ज्यादा टैक्स वसूलने वाला सुझाव केंद्र सरकार को पसंद नहीं आया। वित्त मंत्रालय ने इसे खराब सुझाव बताया। ऐसे में CBDT ने रविवार को कहा था कि आयकर विभाग के 50 आईआरएस अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की जा रही है, जिन्होंने कोरोना वायरस राहत उपायों को निधि देने के लिए राजस्व जुटाने पर एक अवांछित रिपोर्ट दर्ज की और इसे बिना अनुमति के सार्वजनिक किया।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) प्रत्यक्ष टैक्स नीतियों के लिए सर्वोच्च नीति बनाने वाली संस्था है। बोर्ड ने कहा था कि इसने आईआरएस एसोसिएशन या इन अधिकारियों से इस तरह की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कभी नहीं कहा और इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले उनकी तरफ से कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी।
दरअसल यह पूरा मामला कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए टैक्स अधिकारियों के एक नए सुझाव से जुड़ा है। इसमें कहा गया था कि एक करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले लोगों पर 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया जाना चाहिये। इसके अलावा पांच करोड़ से अधिक की सालाना आय वाले लोगों पर संपदा टैक्स या वेल्थ टैक्स लगाया जाए।