सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल बंटवारा संबंधी अपने फैसले का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। शीर्ष अदालत ने कहा की यह कोर्ट की ‘घोर अवमानना’ है। अदालत ने इस मामले में केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सचिव को 14 मई से पहले पेश होने को कहा है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने मंत्रालय के सचिव से अदालत के फैसले को लागू करने संबंधी कावेरी प्रबंधन योजना का मसौदा भी लाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के बीच कावेरी नदी के पानी के बंटवारे का आदेश दिया था। अदालत ने दशक पुराने कावेरी विवाद में अपना फैसला सुनाते हुए फरवरी में केंद्र से अपने आदेश का अनुपालन करने के लिए योजना तैयार करने को कहा था।
तमिलनाडु के वकील ने पीएम पर कसा तंज
कावेरी मुद्दे पर सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार के वकील ने पीएम नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से तंज कसा। वरिष्ठ वकील ने शेखर नफाडे़ ने कहा, ‘कोई व्यक्ति देश के नागरिकों के लिए 24x7 काम करने का दंभ भरता है। हमारा मानना है कि भारत सरकार शनिवार और रविवार को भी काम करती है।’ नफाड़े ने इस दौरान अदालत में किसी का भी नाम नहीं लिया।