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कावेरी विवाद: BJP का कर्नाटक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, किसानों के हितों की बलि चढ़ाने का लगाया आरोप

Mon, 21 Aug 2023 06:23 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

Cauvery Dispute: कर्नाटक भाजपा के कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने को लेकर सोमवार को मांड्या में प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेताओं के पुतले फूंके।
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प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कर्नाटक भाजपा के कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने को लेकर सोमवार को मांड्या में प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेताओं के पुतले फूंके। उन्होंने कांग्रेस सरकार की निंदा करते हुए बैनर और पोस्टर भी लगाए। इसके अलावा उन्होंने कावेरी मुद्दे पर सत्तारूढ़ पार्टी के रुख के खिलाफ जिला मुख्यालय शहर के संजय सर्किल पर नारे भी लगाए।

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प्रदर्शनकारियों ने यह संदेश देने के लिए अपने कानों पर फूल लगाए कि राज्य सरकार ने लोगों को बेवकूफ बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्नाटक के किसानों, खासकर मैसूर, मांड्या और रामनगर जिलों के किसानों के हितों की अनदेखी की है। मांड्या से निर्दलीय सांसद सुमालता अंबरीश भी प्रदर्शनकारियों में शामिल हुईं।

सुमालता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसी को भी इस विरोध को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं लोगों से अपील करती हूं कि वे इसे राजनीतिक नजरिए से न देखें। मीडिया सहित हर किसी की जिम्मेदारी है। हमें अपने किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा करनी है।'
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अभिनेता से नेता बनी सुमालता ने केंद्र पर आरोप लगाने के लिए परोक्ष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कावेरी मुद्दे में केंद्र का हस्तक्षेप आपको दी गई भ्रामक सूचना है।'लोकसभा सदस्य ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब कावेरी विवाद हो रहा था और फिर उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए पानी छोड़ा गया। 

उन्होंने कहा कि उनके अभिनेता-राजनेता पति दिवंगत अंबरीश ने विरोध स्वरूप केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा, 'अगर केंद्र इस मुद्दे को हल कर सकता था तो वह पहले भी ऐसा कर चुका होता। ऐसा क्यों नहीं हुआ? ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि कावेरी न्यायाधिकरण तमिलों की आवाजें ज्यादा सुन रहा है। तमिलनाडु ने केआरएस बांध से गाद निकालने के लिए उठाए गए किसी भी कदम पर आपत्ति जताई और हमें चुप रहना पड़ा।'

सुमालता ने लोगों से आह्वान किया कि वे किसानों के साथ अन्याय न होने दें। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक कारणों से अपने नेता राहुल गांधी की ओर से तमिलनाडु में स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार को लुभाने के लिए किसानों के हितों का बलिदान कर रही है। 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में पार्टी ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन का स्वागत किया गया, जो नवगठित विपक्षी ब्लॉक इंडिया की खातिर बेंगलुरु को पेयजल के लिए मेकेदातु जलाशय का विरोध करते हैं।

कर्नाटक के साथ कावेरी जल बंटवारे के विवाद पर फोकस किया गया है, हालांकि कर्नाटक में इस बार अपर्याप्त बारिश हुई है। उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के अनुसार, कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक हर रोजाना दस हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। कर्नाटक सरकार ने अपर्याप्त बारिश के बाद राज्य के जलाशयों में पानी के कम प्रवाह के मद्देनजर कावेरी नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 23 अगस्त को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
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