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मवेशी तस्करी मामला: अनुब्रत मंडल को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने फिर चार दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजा

Sat, 20 Aug 2022 03:48 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

सीबीआई ने 2020 में पशु तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसमें अनुब्रत मंडल का नाम भी सामने आया था। सीबीआई के मुताबिक 2015 से 2017 के दौरान सीमा सुरक्षा बल को 20,000 से ज्यादा पशुओं के कटे सिर मिले थे।
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अनु्ब्रत मंडल - फोटो : ANI
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विस्तार
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पशु तस्करी मामले में बीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष अनुब्रत मंडल को शनिवार को फिर आसनसोल विशेष अदालत में पेश किया गया। सीबीआई की विशेष अदालत ने अनुब्रत मंडल की जमानत याचिका की खारिज कर दी और चार दिनों की सीबीआई हिरासत का आदेश दिया। अब अनुब्रत मंडल 24अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे। 

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उल्लेखनीय है कि सीबीआई सुबह कमांड अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद तृणमूल नेता को लेकर आसनसोल के लिए रवाना हुई थी और उसके बाद आसनसोल की अदालत में पेश किया गया था, जहां अनुब्रत मंडल के वकीलों ने जमानत याचिका की फरियाद की थी। 



सीबीआई ने कोर्ट से चार दिनों की हिरासत की मांग की। अदालत ने सीबीआई की याचिका स्वीकार करते हुए चार दिनों की हिरासत का आदेश दिया। अब अनुब्रत 24 अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे।
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मेरे पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं: मंडल
इस बीच अनुब्रत मंडल ने दावा किया कि उनके पास कोई बेनामी संपत्ति नहीं है। इतना ही नहीं वे जांच में सीबीआई को पूरा सहयोग भी कर रहे हैं। शनिवार को सीबीआई के निजाम पैलेस मुख्यालय से अनुब्रत को कमांड अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने यह दावा किया। मेडिकल परीक्षण के बाद उनको आसनसोल में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। आज उनकी सीबीआई हिरासत पूरी हो रही है।

इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने अनुब्रत की बोलपुर स्थित भोले बम राइस मिल में छापेमारी की थी। यहां पर पर टीम को पांच महंगी कारें मिली थीं। इनमें से एक कार पर बंगाल सरकार का स्टीकर लगा हुआ है। सारी गाड़ियां सीबीआई की टीम अपने साथ लेकर आई। 

राइस मिल में पत्नी व बेटी की हिस्सेदारी 
राइस मिले में हुई छापेमारी में सीबीआई को अहम दस्तावेज भी मिले हैं। इस राइस मिल में अनुब्रत की दिवंगत पत्नी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत और बेटी सुकन्या की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब राइस मिल में छापेमारी के लिए सीबीआई की टीम पहुंची, तो दरवाजा बंद कर दिया गया और टीम को घुसने से रोक दिया गया था। इसके बाद सीबीआई ने दरवाजा तोड़ने की धमकी दी, जिसके बाद उसे खोला गया। बता दें, अनुब्रत ने 2011 के बाद यह राइस मिल हराधन मंडल से खरीदी थी। 
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2020 में दर्ज किया था केस
सीबीआई ने 2020 में पशु तस्करी के मामले में केस दर्ज किया था। इसमें अनुब्रत मंडल का नाम भी सामने आया था। सीबीआई के मुताबिक 2015 से 2017 के दौरान सीमा सुरक्षा बल को 20,000 से ज्यादा पशुओं के कटे सिर मिले थे। इस मामले में पिछले दिनों उन्हें सीबीआई ने तलब किया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे थे। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने बीरभूम जिले में उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहां से भारी संख्या में नकदी बरामद हुए थे। मंडल को सीबीआई ने 10 समन भेजे थे। 

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