आतिशी के नाम से 'मार्लेना' उपनाम हटाना आम आदमी पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। पहले आप के निष्कासित नेता आशुतोष ने इस पर केजरीवाल पर हमला बोला और अब विपक्ष ने भी आप को निशाने पर ले लिया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी पर जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि केजरीवाल की असलियत बार-बार जनता के सामने आ रही है और इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा।
मनोज तिवारी ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी राजनीति की शुरुआत यह कहते हुए की थी कि वे एक वैकल्पिक राजनीति देश के सामने रखेंगे। लेकिन उन्हीं के साथी रहे आशुतोष ने यह कहकर उनकी असलियत सबके सामने ला दी है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें उनकी जाति गुप्ता उपयोग करने का दबाव बनाया गया था जिससे उस जाति के वोट उन्हें मिल सकें।
उन्होंने कहा कि आतिशी के नाम से मार्लेना हटाने के पीछे भी केजरीवाल की जातीय सोच खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि अगर आतिशी के नाम से उनके ईसाई होने का ही संकेत चला जाता तो इससे किसी का क्या नुकसान हो जाता। क्या इस देश में इसाई उच्च पदों पर काम नहीं कर रहे हैं? या क्या केजरीवाल ईसाइयों को दोयम दर्जे का नागरिक मानते हैं?
तिवारी ने कहा कि यह सब करने के बाद भी आम आदमी पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में पूरे देश में मात खानी पड़ी थी। इस बार भी अगर केजरीवाल इसी तरह जातीय और सांप्रदायिक राजनीति करते रहे तो उन्हें इसी तरह का परिणाम भुगतना पड़ेगा।
भाजपा के प्रवक्ता हरीश खुराना ने कहा कि यह सब सोची समझी रणनीति का परिणाम है। सच्चाई यह है कि आतिशी को पूर्वी दिल्ली में कोई जानता ही नहीं है, इसीलिए इस तरह के पॉलिटिकल स्टंटबाजी करके उनको चर्चा में लाने की कोशिश हो रही है। इस आरोप पर कि भाजपा उनके ईसाई जैसे उपनाम वाले शब्द को लेकर राजनीति कर रही थी।
खुराना ने कहा कि आप को मेरा चैलेंज है कि वे एक नेता का बयान दिखाएं जिसने आतिशी के नाम को लेकर कोई टिप्पणी की हो। खुराना ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नाम की असलियत सामने आ चुकी है, इसलिए किसी दूसरे के नाम में परिवर्तन करने का कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।