केंद्र सरकार के द्वारा आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने की घोषणा के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इसका श्रेय राहुल गांधी को दे रहें हैं। इसी बीच भाजपा प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कांग्रेस नेताओं द्वारा इस प्रकार के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी तमाशा कर रही है।
केंद्र सरकार की जातीय जनगणना के फैसले के बाद से कांग्रेस और भाजपा के बीच में इस फैसले का श्रेय लेने की होड़ लगी है। इसी बीच गुरुवार को भाजपा के प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस जातीय जनगणना के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी तमाशा कर रही है। सिंह ने कहा कि आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हुआ है।
विज्ञापन
बता दें कि भाजपा प्रवक्ता आरपीएन सिंह का ये बयान केंद्र सरकार की तरफ से आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने की घोषणा के एक दिन बाद आया है। इस घोषणा के बाद गुरुवार को दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्टर लगाए गए थे।
'सभी पूर्व कांग्रेसी नेता इसके विरोध में थे'
भाजपा नेता ने कहा कि 2010 में मनमोहन सिंह ने कहा था कि वह जाति जनगणना को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी सहित सभी पूर्व कांग्रेस नेता हमेशा से इसके विरोध में थे। उन्होंने कहा 'सच्चाई यह है कि कांग्रेस सिर्फ तमाशा करती है। उसने 70 साल सत्ता में रहने के बावजूद अपने वादे पूरे नहीं किए। हाथी के दांत खाने के कुछ और दिखने के कुछ और है।
केंद्र सरकार को समय सीमा बताना चाहिए- राहुल गांधी
इससे पहले 30 अप्रैल को राहुल गांधी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि कांग्रेस पार्टी जाति गणना के फैसले का समर्थन करती है, लेकिन सरकार को उसकी एक समय सीमा बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने तेलंगाना में जाति जनगणना करने के लिए एक मॉडल स्थापित किया है। यह राष्ट्रीय स्तर पर इस अभ्यास के लिए खाका के रूप में काम कर सकता है। साथ ही उन्होंने कहा था कि हमने संसद में कहा था कि हम जाति जनगणना लागू करेंगे। हमने यह भी कहा था कि हम 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को खत्म कर देंगे। नरेंद्र मोदी कहते थे कि सिर्फ चार जातियां हैं। पता नहीं क्या हुआ, लेकिन अचानक 11 साल बाद जाति जनगणना की घोषणा कर दी गई।