केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में 'विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक' (पीएसएम) और 'सराहनीय सेवा के लिए पदक' (एमएसएम) के दावेदारों से उनकी जाति पूछी जा रही है। सीआरपीएफ महानिदेशालय ने इस बाबत पदकों के लिए जो संभावित नाम तय किए हैं, सभी यूनिटों से उनकी एक सूची मांगी है। यह सूची 19 मई तक देनी है। इसमें अन्य बातों के अलावा जाति भी पूछी गई है। यानी मेडल के लिए जो संभावित नाम बल मुख्यालय को भेजे जाएंगे, उसमें जवान/अधिकारी की 'जाति' भी लिखनी होगी। दूसरे बलों में भी यही नियम बताया जा रहा है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, 'स्वतंत्रता दिवस 2025' पर सीआरपीएफ सहित अन्य केंद्रीय बलों के अधिकारियों और जवानों को 'विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक' (पीएसएम) और 'सराहनीय सेवा के लिए पदक' (एमएसएम) से सम्मानित किया जाएगा, उनका एक पैनल तैयार किया गया है। सीआरपीएफ द्वारा विभिन्न जोन, सेक्टर, यूनिटों और ट्रेनिंग सेंटरों को एक पत्र भेजा गया है। इसमें पीएसएम और एमएसएम को लेकर संभावित नामों की एक सूची साझा की गई है। लगभग सौ नामों वाली इस सूची में तीन आईजी और एक डीआईजी का नाम शामिल है। इसके अलावा सूची में करीब एक दर्जन कमांडेंट, सीएमओ, आधा दर्जन टूआईसी, डिप्टी कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, हवलदार और सिपाही के नाम भी लिखे गए हैं। दूसरे बलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
विभिन्न जोन, सेक्टर, यूनिटों और ट्रेनिंग सेंटरों से कहा गया है कि पीएसएम और एमएसएम के लिए संभावित नामों की जो सूची तैयार की गई है, उसमें संबंधित अधिकारी या जवान की 'जाति' भी बताई जाए। 19 मई तक यह जानकारी पहुंच जानी चाहिए। इसके बाद ही यह सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजी जाएगी। मंत्रालय द्वारा स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले पीएसएम और एमएसएम से नवाजे जाने वाले नामों की फाइनल सूची जारी होगी।
इस संदर्भ में बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद ने कहा, हम ऐसा पहली बार देख रहे हैं। फोर्स में और वो भी पीएसएम और एमएसएम के नामों की सूची जाति पूछी जा रही है। वहां तो हर जवान और अफसर, अपनी जाति को पीछे छोड़कर केवल देश के लिए लड़ता है। अगर ऐसा हुआ है तो ये फोर्स के मनोबल को कमजोर करने वाला कदम होगा। सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी डीसी डे ने कहा, ऐसा पहली बार सुन रहे हैं। फोर्स में जाति पूछने का क्या औचित्य है, ये समझ नहीं आ रहा।
ये भी पढ़ें: MEA: 'पहलगाम हमले के समय पाकिस्तान में अपने आकाओं के संपर्क में थे आतंकी', मिस्री ने संसदीय समिति को बताया