संसद के शीतकालीन सत्र में वैसे तो तमाम मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं। लेकिन इस सब के बीच शुक्रवार को कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित सीट से नोटों की गड्डी मिलने के बाद जमकर बवाल हुआ है।
जांच के दौरान नोटों की गड्डी बरामद
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद जांच के दौरान नोटों की गड्डी बरामद हुई है। जिसे लेकर सत्ता पक्ष के सांसदों की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। वहीं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पीयूष गोयल ने इस मामले की जांच की बात भी कही है। जबकि विपक्ष इस मामले में सत्ता पर अहम मुद्दों से भटकाने और संसद की कार्यवाही न चलने देने का आरोप लगाया है।
'सरकार राज्यसभा में कोई चर्चा नहीं चाहती'
इस मामले में कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि, 'यह भाजपा की रणनीति है, ध्यान भटकाने की चाल है। हम जो मुद्दे उठा रहे हैं, किसानों के मुद्दे, खुद सभापति ने उठाए हैं और ये कई बड़े मुद्दे हैं। हम चाहते हैं कि मोदी घोटाले में रिश्वतखोरी के आरोपों पर चर्चा हो। इसलिए इनसे ध्यान भटकाने के लिए वे नए मुद्दे उठाते हैं। मैंने पहली बार देखा कि आज भाजपा के सांसद सत्र स्थगित करने के लिए बहुत उत्सुक थे। हम लोकसभा में मांग कर रहे हैं कि मोदी घोटाले पर चर्चा हो, लोकसभा स्थगित की जा रही है। यह सरकार की रणनीति है कि आप लोकसभा नहीं चलने दे रहे, हम राज्यसभा नहीं चलने देंगे। सदन चलाना सरकार की जिम्मेदारी है। हम रचनात्मक सहयोग कर रहे हैं। सरकार राज्यसभा में कोई चर्चा नहीं चाहती।
मामले में सत्ता पक्ष के खिलाफ एकजुट दिखा विपक्ष
इस मामले में कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, सदन में अजीबोगरीब घटनाएं हो रही हैं। इस नई स्क्रिप्ट का स्क्रिप्ट राइटर कौन है, निर्देशक कौन है, निर्माता कौन है, इसकी जांच होनी चाहिए...इसके पीछे एक बड़ी साजिश है और समय यह साबित कर देगा।
वहीं जेएमएम सांसद महुआ माझी ने कहा, सरकार सदन को स्थगित करने के बहाने के रूप में इस तरह के आरोप लगा रही है क्योंकि वे काम नहीं करना चाहते हैं।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, जिस तरह से बीजेपी इसका विरोध कर रही है, अगर उन्होंने अदाणी मुद्दे पर विरोध किया होता, तो कई गलत काम सामने आ जाते।