पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान टेंट ढहने के मामले में पुलिस ने एक आयोजक और टेंट बनाने वाले डेकोरेटर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उक्त हादसे में 90 लोग घायल हो गए थे। उनमें से चार की हालत गंभीर होने की वजह से उनको कोलकाता के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पुलिस अधीक्षक आलोक राजौरिया ने बताया कि आयोजक व डेकोरेटर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, प्रदेश भाजपा महासचिव सायंतन बसु ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया था। उससे मची भगदड़ के चलते ही उक्त हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकती थी। वैसी हालत में हादसा नहीं होता। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आईबी) सिद्धिनाथ गुप्ता और पुलिस अधीक्षक आलोक राजौरिया ने आज मौके का दौरा कर टेंट बनाने में शामिल कई लोगों से बातचीत की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि टेंट बनाने में लोहे के जिस फ्रेम का इस्तेमाल किया गया था उस पर जंग लगी थी और लोहे के खंभों को जमीन में ठीक से गाड़ा नहीं गया था। इस बीच, हादसे की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय भी उच्चाधिकारियों की एक टीम मौके पर भेज रहा है। उसमें एसपीजी के अधिकारी भी शामिल रहेंगे।
अब मोदी की रैली में हुए हादसे पर शुरू हुआ घमासान
पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेदिनीपुर में होने वाली रैली पर भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में घमासान मचा था और अब सोमवार को हुई उस रैली में हुए हादसे पर दोनों दलों के बीच एक बार फिर तलवारें खिंच आई हैं। ध्यान रहे कि सोमवार की रैली के दौरान एक टेंट ढह जाने की वजह से 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे जिनमें तीन की हालत गंभीर है। भाजपा ने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराते हुए उस पर असहयोग का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सिद्धिनाथ गुप्ता उक्त हादसे की जांच के लिए मंगलवार को मेदिनीपुर चले गए।
अब केंद्र सरकार ने तो राज्य सरकार से इस हादसे पर रिपोर्ट मांगी ही है, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस पर प्रदेश नेतृत्व से रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम को मौके पर भेजने का फैसला किया है। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से प्रदेश महासचिव स्तर के एक पदाधिकारी को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। प्रदेश भाजपा सूत्रों ने बताया कि चौबीस घंटे के भीतर अमित शाह को हादसे की रिपोर्ट भेज दी जाएगी।