नेपाल से पुणे लाई गयी एक नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण के मामले में पुलिस ने 113 लोगों पर केस दर्ज किया है। सोलह साल की पीड़िता का दावा है कि उसके साथ पिछले दो साल से लगातार दुष्कर्म हो रहा था और इसमें 100 से ज्यादा लोग शामिल थे। पुणे पुलिस ने इस सिलसिले में अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में पुणे की रहने वाली स्वीकृति खरेल के साथ साथ रमेश ठाकुला, तपेन्द्र साही, हरीश साहा और रोहित भंडारी शामिल हैं। सोनम (बदला हुआ नाम) सिलीगुड़ी के पास खाकरमिटा (नेपाल के झापा) में अपने परिवार के साथ रहती थी। परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। सोनम के पिता चाय की छोटी सी दुकान चलाकर जैसे तैसे गुजारा करते थे।
पिता की दुकान पर रोहित भंडारी का काफी आना जाना था। धीरे धीरे वह सोनम के पिता का दोस्त भी बन गया। परिवार की खराब माली हालत को देखते हुए उसने एक दिन सोनम को पुणे में किसी ब्यूटी पार्लर में अच्छी पगार पर काम दिलाने का प्रस्ताव रखा। रोहित से पुराने रिश्ते और दोस्ती के भरोसे परिवार ने सोनम को उसके साथ पुणे भेजने का फैसला किया। वादे के मुताबिक रोहित ने सोनम को पुणे के एक ब्यूटी पार्लर में नौकरी भी दिलाई। शुरुआत के कुछ दिन आराम से कटे और सोनम को लगने लगा था कि उसकी जिंदगी अब सुधर जायेगी।