सार
भाजपा ने राहुल गांधी की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात की मांग पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यायपालिका को राजनीतिक लड़ाइयों से दूर रहना चाहिए। सीजेआई ने कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर मुलाकात से इनकार किया, क्योंकि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की राहुल गांधी की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने कहा कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाई से दूर और ऊपर रखना चाहिए। पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता हासिल करने की बेचैनी में शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत को ही राजनीतिक नाटक में उलझा दिया है।
'संविधान हाथ में रखने से उसकी समझ नहीं आ जाती'
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राहुल गांधी ने शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत और सत्ता पाने की बेचैनी के बीच का फर्क ही भुला दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं से मुलाकात करने से मुख्य न्यायाधीश का इनकार एक अहम संदेश देता है। न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाई से ऊपर रहना चाहिए। भाटिया ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ संविधान की एक प्रति हाथ में लेकर चलने से यह साबित नहीं होता कि कोई उसे समझता भी है। उन्होंने राहुल गांधी को संविधान पढ़ने और उसका सम्मान करने की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत को भी समझना चाहिए। भाटिया के मुताबिक, संविधान शासन चलाने का मार्गदर्शक है, न कि राजनीतिक प्रदर्शन का कोई सामान।
'वोट चोरी' के मुद्दे पर विपक्ष का आंदोलन तेज
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने अपना विरोध और तेज करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में विपक्षी नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने वाले हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मामले को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। दोनों नेता चुनाव में कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे।
CJI ने मिलने से किया इनकार, लंबित मामलों का दिया हवाला
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 'वोट चोरी' के आरोपों पर राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह यह बताई गई कि इस तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने CJI को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। दोनों नेता इस दौरान अपनी मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे।
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विपक्ष के ज्ञापन में क्या-क्या मांगें शामिल थीं?
राहुल गांधी और खरगे की ओर से CJI को सौंपे जाने वाले प्रस्तावित ज्ञापन में कई मांगें रखी गई थीं। इनमें कथित 'वोट चोरी' पर रोक लगाने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया रोकने की मांग शामिल थी। इसके अलावा विपक्ष ने चुनाव में दोबारा कागजी मतपत्रों के इस्तेमाल की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई थी।