कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके अपनी दादी के निधन के बाद महाराष्ट्र के पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे। यहां दादी की तस्वीर देखकर वह भावुक हो गए। उन्होंने दादी की अस्थियों के पास फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके अपनी दादी के निधन के बाद महाराष्ट्र स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे। यहां अपनी दादी की तस्वीर देखकर वह भावुक हो गए। दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाने का दुख उनके चेहरे पर साफ नजर आया। दरअसल, दिपके दादी के निधन के समय के दिल्ली में पुलिस हिरासत में थे। इस वजह से वह उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे।
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Hingoli, Maharashtra: CJP founder Abhijeet Dipke became emotional upon seeing his grandmother’s photograph after returning to his ancestral village, Santuk Pimpari, following her death https://t.co/t21v1iCA6A
दादी की तस्वीर देखकर छलका दर्द
गांव पहुंचने के बाद अभिजीत दिपके अपनी दादी की तस्वीर के सामने पहुंचे। तस्वीर देखकर वह भावुक हो गए। दादी के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन नहीं कर पाने का दुख उनके लिए काफी गहरा था। परिवार के बीच पहुंचकर उन्हें एक बार फिर दादी की याद आई।
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अस्थियों के पास चढ़ाए फूल
अभिजीत दिपके अपनी दादी के अंतिम संस्कार वाली जगह पर भी पहुंचे। वहां दादी की अस्थियों को देखकर वह भावुक हो गए। उन्होंने अस्थियों के पास फूल चढ़ाए और अपनी दादी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द दिखाई दिया।
कुछ दिनों से बीमार थीं दिपके की दादी
बताया गया है कि अभिजीत दिपके की दादी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं। उन्होंने अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद के माता-पिता हिंगोली गए। वहीं, कर अभिजीत दिल्ली में थे। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में भाग लेने के लिए दिल्ली आए थे।