भारत से गेहूं लेकर बांग्लादेश जा रहा मालवाहक जहाज डूब गया। ये घटना तब हुई जब मालवाहक जहाज बंगाल की खाड़ी के मुहाने पर मेघना नदी में था। यहां उथले पानी में तटबंध से टकराने के कारण जहाज में दरार हो गई और उसमें पानी घुस जाने के कारण ये घटना हुई। ये मालवाहक जहाज 1600 टन गेहूं लेकर नारायणगंज नदी बंदरगाह की ओर जा रहा था। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
गौरतलब है कि मालवाहक जहाज मंगलवार को चटोग्राम बंदरगाह के बाहरी लंगरगाह में एक बड़े जहाज से माल लादकर ढाका के बाहरी इलाके में नारायणगंज नदी बंदरगाह की ओर जा रहा था। यहां से गेहूं को एक निजी आटा मिल में पहुंचाया जाना था। बांग्लादेश के जल परिवहन प्रकोष्ठ के संयुक्त सचिव अताउल कबीर ने बताया कि पूरा गेहूं पानी में डूब गया है। इस गेहूं के मिलने की अब कोई गुंजाइश नहीं है।
गौरतलब हा कि इससे पहले विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि जहाज पूरी तरह से नहीं डूबा था वह तटीय जिले लक्ष्मीपुर के तिलार चार इलाके में एक समुद्र तट पर पहुंच गया था।
जहाज के शिपिंग एजेंट ने बताया कि एक तटबंध की चपेट में आने के बाद जहाज के सामने के हैच में एक दरार हो गई थी। जिसके चलते जहाज में बड़ी मात्रा में पानी घुस गया और जहाज माल के साथ पानी में डूब गया। कार्गो के अधिकारियों ने माल की कीमत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गेहूं की कीमत लगभग 66.4 मिलियन टका (7,58,280.70 अमरीकी डालर) थी।
बांग्लादेश की खाद्य मंत्री साधना चंद्र मजूमदार ने कहा कि एक निजी बांग्लादेशी कंपनी भारत से गेहूं का आयात कर रही थी। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से उन्होंने इस घटना की जांच कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जाहिर तौर पर यह एक साधारण दुर्घटना है लेकिन हमने संबंधित अधिकारियों से जांच के लिए कहा है ।
गौरतलब है कि भारत में घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों ने भारतीय गेहूं पर निर्भर देशों में गेहूं की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई है। हालांकि, मजूमदार ने कहा कि भारतीय प्रतिबंध बांग्लादेश पर लागू नहीं था। उन्होंने कहा कि इतनी चिंता करने की कोई वजह नहीं है। वाणिज्य मंत्री टीपू मुंशी ने पहले भी अफवाहों को खारिज कर दिया था कि गेहूं के निर्यात पर भारत के प्रतिबंध से बांग्लादेश प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि गेहूं का मौजूदा स्टॉक स्थानीय बाजार में मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।