कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय से आरटीआई के जरिए यह पूछा गया था कि कितने जवानों को एक साल में 100 दिन की छुट्टी मिली है। यह जवाब नहीं दिया गया। पिछले साल मार्च में संसद सत्र के दौरान इस विषय पर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था, इस बात का प्रयास चल रहा है कि सीएपीएफ कार्मिक अपने परिवारों के साथ यथासंभव प्रतिवर्ष 100 दिन बिता सकें। अब बताया गया है कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 42797 कार्मिकों ने एक साल में सौ दिन के अवकाश का लाभ लिया है।
बीएसएफ में है 21733 सर्वाधिक आंकड़ा ...
बुधवार को राज्यसभा में नित्यानंद राय ने बताया, साल 2020 से अक्तूबर 2024 तक सीआरपीएफ के कुल 2245 जवानों ने एक वर्ष में सौ दिन की छुट्टी ली है। बीएसएफ में यह आंकड़ा 21733 है। आईटीबीपी में 1472 जवानों ने एक वर्ष में सौ दिन का अवकाश लिया है। एसएसबी में 6142 जवानों ने एक वर्ष में 100 दिन की छुट्टी ली है। वहीं सीआईएसएफ में यह आंकड़ा 8838 और असम राइफल में 2367 है। करीब पांच वर्ष में कुल 42797 कार्मिकों ने एक वर्ष के दौरान सौ दिन का अवकाश लिया है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदा नफरी लगभग दस लाख है।
लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने उठाया मुद्दा ...
इस साल जुलाई में लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए पुरानी पेंशन की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था, ये बल देश की सुरक्षा करते हैं, यहां तक कि संसद भवन की रक्षा का दायित्व भी यही बल निभाते हैं। इन्हें 100 दिन का अवकाश मिले। बतौर हुड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा था कि इन बलों में सौ दिन का अवकाश सुनिश्चित होगा। इसके जरिए इन बलों में शूटिंग की घटनाओं को रोका जा सकता है। अभी तक इस दिशा में कोई भी पहल नहीं हुई है। इन बलों में जवानों को अभी साठ दिन का अवकाश मिल रहा है। सौ दिन का अवकाश सुनिश्चित हो।
आरटीआई में नहीं मिली यह जानकारी ...
मार्च 2023 के दौरान भी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को प्रतिवर्ष '100' दिन की छुट्टी मिले, यह मुद्दा उठाया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2019 के अंत में यह घोषणा की गई थी। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स मार्टियर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 2021 में इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय से आरटीआई के जरिए यह पूछा गया था कि कितने जवानों को एक साल में 100 दिन की छुट्टी मिली है। कुछ नियमों का हवाला देकर इस सवाल का जवाब नहीं दिया गया। राज्यसभा सदस्य नारायण दास गुप्ता ने पूछा था कि क्या सरकार ने अर्धसैनिक/सीएपीएफ कार्मिकों को परिवार के साथ रहने के लिए एक वर्ष में 100 दिनों के अवकाश की घोषणा की है। सांसद गुप्ता ने अपने इसी सवाल में यह भी पूछा कि अभी तक अर्धसैनिक बल के ऐसे कितने कार्मिक हैं, जिन्हें इसका लाभ नहीं मिला है, तत्संबंधी अर्धसैनिक बल वार ब्यौरा क्या है और इसके क्या कारण हैं।
प्रयास जारी है कि प्रतिवर्ष 100 दिन की छुट्टी मिले ...
गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दोनों सवालों का जवाब चार-पांच लाइनों में दे दिया था। उन्होंने कहा, सरकार ने फील्ड में तैनात, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों 'सीएपीएफ' कार्मिकों के लिए 75 दिन के अवकाश, जिसमें 60 दिन का अर्जित अवकाश और 15 दिन का आकस्मिक अवकाश शामिल है, का प्रावधान किया है। अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 दिन के अर्जित अवकाश और 8 दिन के आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है। इस बात का प्रयास चल रहा है कि सीएपीएफ कार्मिक अपने परिवारों के साथ यथासंभव प्रतिवर्ष 100 दिन बिता सकें।
'जुमला' और 'छलावा' करार दिया ...
सीएपीएफ के लगभग 10 लाख जवानों को 4 साल बाद भी '100' दिन की छुट्टी नहीं मिल पा रही थी। कॉन्फेडरेसन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस मार्टियरस वेलफेयर एसोसिएशन ने इस घोषणा को 'जुमला' और जवानों के साथ 'छलावा' करार दिया था। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने आरटीआई के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया था कि अभी तक कितने जवानों ने 'सौ' दिन की छुट्टी का लाभ उठाया है। उन्हें उत्तर देने से मना कर दिया गया। जवाब में कहा गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अध्याय 6 के पैरा-24 (1) में निहित प्रावधानों के तहत भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
राज्य मंत्री ने बताया था, मिल रही हैं इतनी छुट्टियां ...
गत वर्ष संसद सत्र में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सौ दिन की छुट्टी को लेकर सवाल पूछा गया था। राज्यसभा सदस्य नारायण दास गुप्ता द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया, सरकार ने फील्ड में तैनात, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों 'सीएपीएफ' कार्मिकों के लिए 75 दिन के अवकाश, जिसमें 60 दिन का अर्जित अवकाश और 15 दिन का आकस्मिक अवकाश शामिल है, का प्रावधान किया है। अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए 30 दिन के अर्जित अवकाश और 8 दिन के आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है। इस बात का प्रयास चल रहा है कि सीएपीएफ कार्मिक अपने परिवारों के साथ यथासंभव प्रतिवर्ष 100 दिन बिता सकें।
जब नित्यानंद राय ने दी थी यह जानकारी ...
लोकसभा सदस्य घनश्याम सिंह लोधी ने भी पूछा था कि सीएपीएफ जवानों को प्रतिवर्ष कितने दिन का अवकाश मिलता है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया था, फील्ड फॉर्मेशन में तैनात कार्मिकों के लिए साठ दिन का अर्जित अवकाश 'ईएल' और पंद्रह दिन का आकस्मिक अवकाश 'सीएल' तथा स्टेटिक फॉर्मेशन में तैनात कार्मिकों के लिए तीस दिन का अर्जित अवकाश 'ईएल' और साठ दिन का आकस्मिक अवकाश 'सीएल' स्वीकार्य है। इसके अलावा लीव रूल्स के अनुसार, अन्य तरह की छुट्टियां भी आवश्यकता के अनुसार प्रदान की जाती हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी घोषणा ...
एसोसिएशन ने 28 जनवरी 2021 को गृह मंत्रालय में आरटीआई लगाई थी। दिसंबर 2019 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की नई बिल्डिंग का नींव पत्थर रखने के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए '100 दिन की छुट्टी' योजना की घोषणा की थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय में लगाई गई आरटीआई के जरिए यह पूछा गया कि कितने जवानों को वर्ष 2020 के दौरान 100 दिन का वार्षिक अवकाश दिया गया है। सीआईएसएफ से यह जानना चाहा कि मौजूदा समय में जवानों को मात्र 30 दिन का वार्षिक अवकाश मिलता है, तो ऐसे में सौ दिन की छुट्टी कैसे संभव होगी। इसके लिए जवानों को पहले 60 दिन का वार्षिक अवकाश देना पड़ेगा।
यह था एसोसिएशन का तर्क ...
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का तर्क था, अगर यह नहीं किया जाता है तो सीआईएसएफ जवानों को 100 दिन का अवकाश देना भी संभव नहीं हो सकेगा। रणबीर सिंह ने अपने बयान में कहा था, भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में (सीआईएसएफ को छोड़कर) 60 दिन का वार्षिक अवकाश मिलता है। अगर आकस्मिक छुट्टियों की बात की जाए तो सेना के तीनों अंगों में 30 दिन का आकस्मिक अवकाश दिया जाता है। दूसरी तरफ, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को मात्र 15 दिन का आकस्मिक अवकाश देने का प्रावधान है। आरटीआई के माध्यम से यह भी पूछा गया कि क्या सीआईएसएफ जवानों को 30 दिन की बजाय 60 दिन का वार्षिक अवकाश दिया जाएगा। यह सूचना भी नहीं मिल सकी।
2020 में तो लॉकडाउन लगा था ...
सीएपीएफ के सूत्रों का कहना है कि संसद में 100 दिन की छुट्टी का जो डेटा पेश किया गया है, उसमें सुधार की गुंजाइश है। 2020 के दौरान कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा था। अनेक जवान काफी दिन तक अपने घर पर रहे थे। क्या वह सब सौ दिन की छुट्टियों में शामिल कर दिया गया। मौजूदा समय में बल में नफरी की इतनी कमी है कि ड्यूटी के लिए ही आदमी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में बिना अतिरिक्त बटालियन खड़ी किए 100 दिन की छुट्टी कैसे संभव है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि इस डेटा में चार पांच साल के दौरान सभी प्रकार की छुट्टियां काउंट कर ली गई हों।