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CAPF: अर्धसैनिक बलों में 48.80 % है आवास संतुष्टि; कतार में 659,155 जवान तो 131519 को ही मिला घर

Wed, 13 Aug 2025 06:02 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीएपीएफ, असम राइफल्स (एआर) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के लिए आवास आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के मकसद से 01.09.2022 को 'सीएपीएफ ई-आवास' नामक एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है।
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सीएपीएफ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय अर्धसैनिक बलों 'सीएपीएफ' में आवास संतुष्टि स्तर 48.80 प्रतिशत है। सीएपीएफ ई-आवास पोर्टल पर 6,59,155 कर्मी पंजीकृत हैं, जबकि आवास केवल 1,31,519 कर्मियों को ही मिल सका है। वर्ष 2019 से लेकर अब तक (30.06.2025 तक), 16,364 नए घरों का निर्माण किया गया है। इससे कुल घरों की संख्या 1,33,845 हो गई है। इस वेब-पोर्टल पर अंतर-बल आवास आवंटन की सुविधा उपलब्ध है। अब तक कुल 1154 कार्मिकों को अंतर-बल आवास आवंटित किए जा चुके हैं।

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1523 करोड़ रुपये से होगा आधुनिकीकरण 
सीएपीएफ, असम राइफल्स (एआर) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के लिए आवास आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के मकसद से 01.09.2022 को 'सीएपीएफ ई-आवास' नामक एक वेब पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर साढ़े छह लाख से अधिक कर्मचारी पंजीकृत है। अभी 1.31 लाख से ज्यादा कर्मियों को आवास आवंटित किए गए हैं। 1523 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सीएपीएफ असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और सशस्त्र सीमा बल के लिए आधुनिकीकरण योजना-4 नामक एक केंद्रीय क्षेत्र योजना शुरू की गई है। इसकी कार्यान्वयन अवधि 01.01.2022 से 31.03.2026 तक है। इसका उद्देश्य हथियार, संचार, सुरक्षात्मक उपकरण, निगरानी, सीमा सुरक्षा प्रणाली, प्रशिक्षण सामग्री, बख्तरबंद वाहन और विशेष परिवहन वाहनों के क्षेत्रों में नवीनतम एवं अत्याधुनिक उपकरणों को शामिल करके प्रत्येक सीएपीएफ की क्षमताओं को बढ़ाकर उनकी दक्षता व प्रदर्शन में सुधार करना है। 

16% की दर से अतिरिक्त एचआरए 
केंद्र सरकार ने सीएपीएफ को विभिन्न भत्ते प्रदान किए हैं। जैसे अतिरिक्त निःशुल्क रेलवे वारंट/एलटीसी, कश्मीर घाटी में तैनात सीएपीएफ कर्मियों को वाई श्रेणी शहर (16%) की दर से अतिरिक्त मकान किराया भत्ता (एचआरए), जम्मू और कश्मीर (जेएंडके) में तैनात गैर-पात्र सीएपीएफ कर्मियों को हवाई यात्रा सुविधा, पोशाक भत्ता, अधिकारी स्तर से नीचे के कर्मियों (पीबीओआर) को आवास के लिए मुआवजे का प्रावधान, समग्र कार्मिक रखरखाव भत्ता, सीएपीएफ कर्मियों को शिक्षा रियायत, आदि।
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सीएपीएफ कार्मिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं 
अनुग्रह भुगतान: ड्यूटी के दौरान दुर्घटनावश मृत्यु होने पर, CAPF कार्मिक के निकटतम परिजन को 25 लाख रुपये मिलते हैं। आतंकवादियों द्वारा की गई हिंसा या शत्रु कार्रवाई के दौरान हुई मृत्यु पर, 35 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। सीएपीएफ वेतन पैकेज योजना के अंतर्गत दुर्घटना मृत्यु बीमा कवरेज मिलता है। यह पॉलिसी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले कार्मिकों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सीएपीएफ और असम राइफल्स के कार्मिकों के बच्चों और उनकी वीरांगनाओं के बीच उच्च तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना शुरु की गई है। इसके तहत प्रतिवर्ष 2,000 छात्रवृत्तियां (लड़कों के लिए 1,000 और लड़कियों के लिए 1,000) प्रदान की जाती हैं। छात्रवृत्ति की राशि लड़कियों के लिए 3,000 रुपये प्रति माह और लड़कों के लिए 2,500 रुपये प्रति माह है, जो क्रमशः 36,000 रुपये और 30,000 रुपये प्रति वर्ष वितरित की जाती है। अंशदायी कल्याण निधि से दिवंगत सीएपीएफ कर्मियों के निकटतम संबंधियों (नोके) को भुगतान में एकरूपता लाने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

एमबीबीएस) में 26 तो बीडीएस में 3 सीटें आरक्षित 
सीएपीएफ और एआर के सेवारत/शहीद कर्मियों के आश्रितों के लिए बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) में 26 सीटें और बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) में 3 सीटें आरक्षित की गई हैं। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित उत्तर में बताया कि सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों, जिनमें मृतक या विकलांग कर्मियों के निकटतम संबंधी भी शामिल हैं, के कल्याण और पुनर्वास की देखरेख के लिए स्थापित, कल्याण एवं पुनर्वास बोर्ड 'डब्ल्यूएआरबी' देश भर में राज्य और जिला कल्याण अधिकारियों के माध्यम से कार्य करता है। निजी सुरक्षा एजेंसी (विनियमन) अधिनियम (पीएसएआरए) की वेबसाइट को डब्ल्यूएआरबी वेबसाइट से जोड़कर एक 'सीएपीएफ पुनर्वास' योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत सेवानिवृत्त और इच्छुक पूर्व सीएपीएफ/एआर कर्मियों का डेटा निजी सुरक्षा एजेंसियों में पुनर्नियोजन के लिए पीएसएआरए वेबसाइट पर निजी सुरक्षा एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाता है। 

1000 रुपये प्रति माह का चिकित्सा भत्ता  
सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके जीवन साथियों को केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस)/सीएपीएफ अस्पतालों से चिकित्सा सुविधाएं या ₹1000 प्रति माह का चिकित्सा भत्ता मिलता है। केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी) में आपूर्तिकर्ताओं के साथ सीधी बातचीत के माध्यम से सीएपीएफ कर्मियों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान किए जाते हैं। परिचालन संबंधी खतरों के कारण मृत्यु या विकलांगता का शिकार होने वाले सीएपीएफ कर्मियों के परिवारों के लिए 'उदारीकृत पेंशन पुरस्कार' (एलपीए) और 'असाधारण पारिवारिक/विकलांगता पेंशन' (ईएफपी) जैसी विशेष पेंशन योजनाएं बनाई गई हैं, जो उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।

41 लाख आयुष्मान सीएपीएफ पहचान पत्र 
सीएपीएफ, एआर व एनएसजी कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य सेवा लाभ प्रदान करने के लिए, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) आईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक संयुक्त पहल की गई है। आयुष्मान सीएपीएफ की शुरुआत 23 जनवरी 2021 को असम में हुई थी। बाद में इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया गया है। वर्तमान में, लाभार्थियों को 2,006 सीजीएचएस पैनलबद्ध अस्पतालों और 32,100 आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) पैनलबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार दिया जा रहा है, जिन्होंने एनएचए के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। सीएपीएफ, एआर और एनएसजी कर्मियों व उनके परिवार के सदस्यों के लिए लगभग 41 लाख आयुष्मान सीएपीएफ पहचान पत्र बनाए गए हैं।

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