वीर सावरकर पर की गई टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में उनके वकील ने पुणे कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। जिसमें राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। वहीं अब इस मामले में राहुल गांधी के वकील ने कहा है कि उनहोंने अपने मुवक्किल के अनुमति के बिना याचिका कोर्ट में दायर की थी। जिसे वे कल वापस ले लेंगे। बता दें कि विनायक सावरकर पर टिप्पणी के कारण पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला चल रहा है। इसी मामले में पुणे की एक विशेष सांसद-विधायक अदालत ने बुधवार को राहुल गांधी के वकील की ओर से दायर एक याचिका को रिकॉर्ड में लिया। इस याचिका में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर आशंका व्यक्त की गई है।
याचिका में कहा गया, " मानहानि मामले के याचिकाकर्ता के गंभीर इतिहास को देखते हुए, बचाव पक्ष को वास्तविक और उचित आशंका है कि इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।" आवेदन में कहा गया है कि गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर देश के सामने चुनाव आयोग द्वारा चुनावी धोखाधड़ी के सबूत रखे थे।
उन्होंने संसद परिसर में "वोट चोर सरकार" जैसे नारे लगाते हुए धरना भी दिया। आवेदन में कहा गया है, "इसके अलावा, हिंदुत्व के विषय पर संसदीय बहस के दौरान, प्रधानमंत्री और राहुल गांधी के बीच तीखी बहस हुई, जो जनता को अच्छी तरह पता है। इस पृष्ठभूमि में, इसमें कोई संदेह नहीं है कि शिकायतकर्ता, उनके परदादा (गोडसे), विनायक सावरकर की विचारधारा से जुड़े लोग और सावरकर के कुछ अनुयायी जो वर्तमान में सत्ता में हैं, गांधी के प्रति शत्रुता या नाराजगी रखते होंगे।"
आवेदन में कहा गया है, "शिकायतकर्ता के वंश से जुड़ी हिंसक और संविधान विरोधी प्रवृत्तियों के इतिहास के मद्देनजर, और मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए, यह स्पष्ट, उचित और पर्याप्त आशंका है कि राहुल गांधी को विनायक दामोदर सावरकर की विचारधारा को मानने वाले व्यक्तियों की ओर से नुकसान पहुंचाया जा सकता है।"
राहुल गांधी के वकील ने कहा, "इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि विनायक दामोदर सावरकर की असंवैधानिक विचारधारा और विचारों से प्रेरित और नाथूराम व गोपाल गोडसे जैसी खतरनाक मानसिकता रखने वाले कुछ लोग गांधी के जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।" अदालत पहले ही इस मामले में राहुल गांधी को जमानत दे चुकी है।
इस याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए, सत्यकी सावरकर ने कहा कि यह तुच्छ है और मुकदमे में देरी करने के इरादे से दायर की गई है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "गांधी की ओर से दायर आवेदन में उल्लिखित तथ्यों का वर्तमान मामले से कोई लेना-देना नहीं है।"
सत्यकी सावरकर ने गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया गया है कि मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण में कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि वीडी सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके पांच से छह दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें (सावरकर को) खुशी हुई थी। सत्यकी सावरकर ने कहा कि ऐसी कोई घटना कभी नहीं हुई और वीडी सावरकर ने कभी भी कहीं ऐसी कोई बात नहीं लिखी।