सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एनआईएच की क्षमता को 150 अतिरिक्त बिस्तरों तक बढ़ाया जाएगा। इस प्रकार स्वास्थ्य सुविधा जल्द ही 250 बिस्तरों की हो जाएगी, जिसमें अभी 100 बिस्तर हैं।
केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान यानी नेशनल इंस्टीट्यूट आफ होम्योपैथी (एनआईएच) की बिस्तर क्षमता दोगुनी से भी अधिक करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दवा बनाने के लिए जल्द ही संस्थान के परिसर में एक विनिर्माण इकाई की स्थापना की जाएगी। उन्होंने सोमवार को कोलकाता स्थित परिसर में करीब 46 करोड़ की लागत से बनने वाले एक बहुमंजिला छात्रावास (लडक़ों) की आधारशिला रखने के बाद यह बात कही।
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सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एनआईएच की क्षमता को 150 अतिरिक्त बिस्तरों तक बढ़ाया जाएगा। इस प्रकार स्वास्थ्य सुविधा, जिसमें अभी 100 बिस्तर हैं, जल्द ही 250 बिस्तरों की हो जाएगी। उन्होंने परिसर में करीब 46 करोड़ की लागत से बनने वाले एक बहुमंजिला छात्रावास (लड़कों) की आधारशिला रखी। इसमें 400 स्नातक छात्र रह सकेंगे। यह व्यायामशाला, कामन रूम, अतिथि कक्ष, रसोई और भोजन क्षेत्र जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
उन्होंने कहा कि एनआईएच परिसर में जल्द ही होम्योपैथिक दवाओं के उत्पादन के लिए विनिर्माण इकाई की स्थापना से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा। सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में पारंपरिक औषधीय प्रथाओं को बढ़ावा मिला है। हमें गति बनाए रखनी चाहिए और संस्थानों को ऐसे डॉक्टरों को तैयार करने में मदद करनी चाहिए, जो इस उद्देश्य से जुड़ सकें।
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उन्होंने कहा कि पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर, रवींद्र नाथ टैगोर ने होम्योपैथी को लोकप्रिय बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। समारोह में केंद्रीय आयुष और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र मुंजपारा भी उपस्थित थे। आयुष मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में एनआइएच के निदेशक प्रोफेसर डा सुभाष सिंह भी शामिल थे।