गोवा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने चुनाव आयोग से एक कैथोलिक पादरी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस पादरी ने कथित तौर पर कहा है कि गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का कैंसर भगवान की दी हुई सजा थी, क्योंकि उन्होंने (परिकर) तटीय राज्य के एक कस्बे में कोयला प्रदूषण की शिकायतों को नजरअंदाज किया था।
बता दें करीब एक साल तक कैंसर से लड़ने के बाद 14 मार्च, 2019 को परिकर का निधन हो गया। परिकर को बीते साल फरवरी में अग्नाशय का कैंसर हो गया था। वह भारत और अमेरिका के अस्पतालों में कई बार भर्ती भी हुए थे।
सोशल मीडिया पर इस वक्त एक बिना तारीख की रिकॉर्डिंग शेयर की गई है। जिसमें फादर कॉन्सिकाओ दा सिल्वा को कहते सुना जा सकता है, "जो भगवान को अपने कामों से क्रोधित करता है, भगवान उसे हमेशा सजा देते हैं।"
पादरी ने वास्को डि गामा शहर में कोयले की राख के विरोध में बीते दो सालों से चल रहे कथित विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोयले का काम जारी रखने का फैसला परिकर की पीड़ा का कारण था।
रिकॉर्डिंग में दा सिल्वा बोलते हैं, "लोगों ने विरोध किया, बैठकें हुईं, लेकिन परिकर ने ध्यान नहीं दिया। उनकी जेबें भरीं। फिर भगवान ने उन्हें कैंसर दे दिया। दर्द में उनका निधन हो गया। अग्नाशय का कैंसर सबसे बुरा कैंसर है। उन्होंने बहुत से लोगों को परेशान किया था।"
चुनाव आयोग से शिकायत में भाजपा के पणजी ब्लॉक के जनरल सेक्रेटरी विष्णु नाइक ने कहा है, "दा सिल्वा ने एक विशेष राजनीतिक दल और एक विशिष्ट धर्म के खिलाफ डर और नफरत का वातावरण उत्पन्न किया है। इस मामले में व्यापक जांच और नफरत फैलाने और धार्मिक सद्भाव को अस्थिर करने के लिए पादरी के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।"
मुख्य पादरी फादर जओक्विम लोइओला पेरेइरा के सेक्रेटकी ने कहा कि मुख्य पादरी के ऑफिस को इस मुद्दे के बारे में पता है। इस मामले पर मुख्य पादरी फादर जओक्विम लोइओला पेरेइरा का कहना है, "मुझे वीडियो के बारे में पता है और इस बारे में बिशप के हाउस को जानकारी दे दी गई है। हमने मामले को आगे बढ़ा दिया है।"