कनाडा के पीएम
जस्टिस त्रूदो का भारत दौरा विवादों में घिर गया है। पीएम के सम्मान में कनाडा के उच्चायुक्त द्वारा दिए जाने वाले भोज मबड खालिस्तनी
आतंकी जसपाल अटवाल को निमंत्रण और इससे पहले मुंबई में अटवाल का त्रूदो की पत्नी सोफी त्रूदो के साथ डिनर ने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्ते का जायका बिगाड़ दिया है।
इस मामले में भारत की ओर से आपत्ति जताने के बाद पीएम त्रूदो ने अटवाल को दिए गए निमंत्रण को भूल माना और कहा कि अब इस भूल को सुधार लिया गया है। वैसे भी त्रूदो और उनकी पार्टी द्वारा कनाडा में खालिस्तानी आतंकयों को समर्थन के कारण उनकी भारत यात्रा को तवज्जो न मिलने की चर्चा थी।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब वर्ष 1986 में वैंकूवर आइलैंड में कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिधू के हत्या के प्रयास के आरेपी आतंकी अटवाल की पीएम त्रूदो की पत्नी के साथ मुंबई में डिनर लेते फोटो वायरल हो गया। इसके तत्काल बाद यह जानकारी सामने आई कि पीएम त्रूदो के सम्मान में आयोजित भोज में अटवाल को भी निमंत्रण दिया गया है।
इस पर विवाद शुरू होने और भारत की ओर से आपत्ति जताने के बाद पीएम त्रूदो को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने अटवाल को निमंत्रण भेजे जाने को एक भूल बताया और कहा कि अटवाल को किसी भी सूरत में निमंत्रण नहीं दिया जाना चाहिए था। जानकारी मिले के बाद अब निमंत्रण पत्र रद्द कर इस भूल को सुधार लिया गया है।
गौरतलब है कि बीते हफ्ते 8 दिवसीय यात्रा पर पूरे परिवार के साथ भारत पहुंचे कनाडा के पीएम को ज्यादा तवज्जो नहीं दिए जाने की चर्चा हो रही थी। खालिस्तानी आतंकी से जुड़ा विवाद तब सामने आया है जब शुक्रवार को जस्टिन त्रूदो पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने वाले हैं। त्रूदो के खालिस्तानी समर्थकों का समर्थन के कारण भारत बेहद नाराज है।