कोरोना के खतरे को देखते हुए सरकार ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की है। यहां तक की विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी वैक्सीन ना बनने तक सोशल डिस्टेंसिंग लागू करने की बात कही है लेकिन क्या सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना वास्तव में आसान है?
अगर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू रहेंगे तो उत्तर प्रदेश की विधानसभा में सभी विधायकों का बैठना मुश्किल हो जाएगा। कुल 403 विधायकों में 200 ही विधायक सभा में बैठकर सत्र में शामिल हो पाएंगे।
राज्य के विधानसभा स्पीकर ह्दय नारायण दीक्षित ने जानकारी दी कि सभा में इतनी सीट नहीं है कि 403 विधायक सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठ सकें। सभा में लगभग 10-12 सीटों की कमी पड़ेगी, हालांकि सत्र के दौरान काम चलता रहेगा क्योंकि सामान्य तौर पर 10-12 विधायक अनुपस्थित रहते हैं।
दीक्षित ने बताया कि विधानसभा का सत्र घर से नहीं हो पाएगा, ये संभव नहीं है। इसका कारण यह है कि भवन के अंदर वाद विवाद होता है, संवाद होता है, सवालों के जवाब दिए जाते हैं। फिलहाल के लिए घर से काम करने की संभावनाएं कम हैं।
आइल ऑफ मैन की संसद टाइनवल्ड का दावा है कि दुनिया की सबसे पुरानी संसद की कार्यवाही ऑनलाइन तरीके से काम कर चुकी है। सांसदों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें की थीं। चैट बॉक्स के जरिए ये निश्चित किया जाता था कि कौन बोलेगा और हां और ना के जवाब में वोटिंग होती थी।
हालांकि टाइनवल्ड के दो चेंबर हुआ करते थे जिसमें एक चेंबर में 24 और दूसरे चेंबर में 11 सदस्य थे। जिससे कुल 500 सदस्यों को संसद में काम करने में आसानी होती थी।