एयर इंडिया के विमान में उस समय हड़कंप मच गया जब एक अज्ञात कॉलर (फोन करने वाला शख्स) ने एरोली स्थित बीपीओ में फोन करके दावा किया कि एयर इंडिया के विमान को हाईजैक किया जाएगा। पुलिस ने टोलफ्री नंबर पर फोन करने वाले उस अज्ञात शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
रबाले एमआईडीसी पुलिस थाने के वरिष्ठ इंस्पेक्टर नितिन गीते ने कहा, फोन सुदरलैंड ग्लोबल सर्विसेज के दफ्तर में शुक्रवार रात के करीब 9.45 बजे की गई थी। एयर इंडिया ने बीपीओ का काम इस कंपनी को सौंपा हुआ है। कॉलर ने अंग्रेजी में बात की और दावा किया कि एयर इंडिया के विमान को पाकिस्तान में हाईजैक किया जा सकता है।
इस फोन ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो को हवाई अड्डों और परिचालन क्षेत्र में और उसके आसपास निगरानी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद वहां त्वरित प्रतिक्रिया दल की तैनाती की गई और वहां कड़ी गश्त शुरू हुई। जिसके कारण हवाई अड्डों के प्रवेश द्वार पर सशस्त्र बलों की मौजूदगी में सभी वाहनों की गहन छानबीन हुई।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) ने यात्रियों की गहन छानबीन की ताकि किसी भी संदिग्ध यात्री की अच्छी तरह से जांच की जा सके। संवेदनशील हवाई अड्डों पर कुत्तों का दस्ता और विस्फोटकों का पता लगाने वाले दस्ते की तैनाती की गई है। सीआईएसएफ ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद सभी हवाई अड्डों की सुरक्षा को बढ़ा दिया है। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद ने ली है।
मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू, कोचीन, नागपुर और हैदराबाद स्थित हवाई अड्डों की सुरक्षा को खासतौर से बढ़ा दिया गया है। हालांकि उस कॉलर की पहचान का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। खुफिया अधिकारियों का कहना है कि जेईएम या पाकिस्तान स्थित किसी भी समूह की ऐसी कोशिशों से इनकार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि जेईएम का मुखिया मसूद अजहर उन लोगों में शामिल था जिसे कि 1999 में कंधार हाईजैक के बाद रिहा किया गया था।