कलकत्ता हाईकोर्ट ने फर्जी टीकाकरण मामले की जांच में अभी दखल देने से इनकार कर दिया है। कोलकाता व उपनगरों में बीते दिनों फर्जी टीकाकरण शिविर का मामला सामने आया था। इसकी कोलकाता पुलिस जांच कर रही है।
मामले में एक केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने के अनुरोध वाली जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि अगर कोलकाता पुलिस द्वारा की जा रही जांच को लेकर असंतोष का कोई कारण है तो याचिकाकर्ता बाद में अदालत का रुख कर सकते हैं। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की पीठ ने कहा कि वह इस स्तर पर मामले की जांच में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है।
विशेष जांच दल गठित, कई आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने मामले के सिलसिले में आरोपी देबंजन देब और कई अन्य को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था।
सांसद को भी कथित नकली टीका लगाया
देब द्वारा कस्बा इलाके में आयोजित इस तरह के शिविर में तृणमूल कांग्रेस की सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती सहित सैकड़ों लोगों को कथित नकली टीके लगाए गए थे। देब ने दक्षिण 24 परगना जिले के एमहर्स्ट स्ट्रीट के एक कॉलेज और सोनारपुर में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए थे।