फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत: गिरफ्तारी वारंट रद्द; सांसद के केस की सुनवाई अब MP-MLA कोर्ट में

Mon, 07 Sep 2026 03:45 PM IST
शिवम गर्ग आईएएनएस, कोलकाता

सार

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया और विवादित बयान से जुड़े मामले को कृष्णानगर जिला अदालत से बिधाननगर की एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। आखिर किस मामले में जारी हुआ था वारंट? आइए, जानते हैं...
विज्ञापन
महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तृणमूल कांग्रेस की कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सोमवार को उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने मामले को कृष्णानगर जिला अदालत से बिधाननगर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में भेजने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट क्यों रद्द किया?

महुआ मोइत्रा ने गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सोमवार को मामले की दोबारा सुनवाई हुई, जिसमें न्यायमूर्ति देबांशु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने वारंट रद्द कर दिया। अदालत ने इस मामले से जुड़े कृष्णानगर जिला अदालत के अन्य आदेशों को भी रद्द कर दिया।

केस को MP-MLA कोर्ट में क्यों भेजा गया?

महुआ मोइत्रा के वकील अर्क नाग ने पहले सवाल उठाया था कि सांसद होने के कारण क्या कृष्णानगर अदालत के पास इस मामले की सुनवाई का अधिकार है। उन्होंने दलील दी थी कि मामले की सुनवाई सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की विशेष अदालत यानी एमपी-एमएलए कोर्ट में होनी चाहिए। कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस दलील को स्वीकार करते हुए संबंधित मामला उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया।

 

महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी हुआ था?

महुआ मोइत्रा पर भारतीय सेना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित तौर पर विवादित और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप था। महिलाओं के तुलसी की लकड़ी की माला पहनने, बुर्का और हिजाब से जुड़ी उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर भी विवाद हुआ था। कृष्णानगर के एक निवासी ने उनकी टिप्पणियों को लेकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था।

मोइत्रा पर क्या-क्या आरोप लगाए गए थे?

शिकायत में महुआ मोइत्रा पर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, अलग-अलग धार्मिक समूहों के बीच तनाव पैदा करने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और लोगों को डराने-धमकाने के आरोप लगाए गए थे। मामले की सुनवाई कर रही कृष्णानगर अदालत ने मोइत्रा को कई बार पेश होने के लिए समन भेजा था। उनके पेश नहीं होने पर अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें