कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक शख्स को 11 साल से अधिक समय बाद अंतरिम जमानत दी है। शख्स पर अपनी दो नाबालिग सौतेली बेटियों की हत्या करने का आरोप है। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में देरी होने की वजह से शख्स को रिहा किया गया है।
छोटी बच्चियों को उतारा था मौत के घाट
घटना जनवरी 2012 की है। उस समय लगातार दो दिन नौ और 15 साल की दो बच्चियों के शव शहर के ढाकुरिया और पार्क सर्कस रेलवे स्टेशन से मिले थे। इस मामले की शिकायत लेक पुलिस स्टेशन में दी गई। बाद में कोलकाता पुलिस ने साल 2013 में इश्तियाक अहमद को हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया। तब से वह हिरासत में है।
11 साल से हिरासत में
पत्नी दूसरे राज्य में काम करती थी और दोनों सौतेली बेटियां अहमद के साथ रहती थीं। उच्च न्यायालय का रुख करते हुए अहमद के वकील ने मुकदमे में देरी के कारण उसकी जमानत के लिए प्रार्थना की। अदालत से कहा कि इश्तियाक 11 साल से अधिक समय से हिरासत में है।
दो गवाहों से अभी पूछताछ बाकी
राज्य सरकार के वकील ने सात मई को अदालत से कहा था कि अभियोजन के शेष गवाहों से एक महीने के भीतर पूछताछ की जाएगी। यह देखते हुए कि अभियोजन पक्ष के दो गवाहों से अभी भी पूछताछ की जानी बाकी है और याचिकाकर्ता 11 साल और 7 महीने से अधिक समय से हिरासत में है, न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने 24 सितंबर को कहा कि यह निश्चित नहीं है कि मुकदमा वास्तव में कब समाप्त होगा। पीठ में न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रे भी शामिल थे।
10 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत
पीठ ने आदेश दिया कि मामले में देरी के आधार पर हम याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत देते हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि इस्तियाक अहमद उर्फ इस्तियाक एसके को 10,000 रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए, जिसमें से प्रत्येक के पास इतनी ही राशि की दो जमानतें होनी चाहिए, जिनमें से एक स्थानीय होना चाहिए।
अदालत ने कहा कि आरोपी कोलकाता के लेक पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगे और अगले आदेश तक सप्ताह में दो बार पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। अहमद को अगले आदेश तक सुनवाई की हर तारीख पर निचली अदालत के समक्ष पेश होने और गवाहों को धमकाने या सबूतों से किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं करने का निर्देश दिया जाता है।
यह निर्देश देते हुए कि अंतरिम जमानत नवंबर 2024 के अंत तक या अगले आदेश तक जारी रहेगी। पीठ ने कहा कि मामले में 20 नवंबर को फिर सुनवाई होगी।