पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पर नाराजगी जताते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि वह चुनाव आयोग से बहरामपुर लोकसभा सीट पर मतदान देर से कराने के लिए कहेगा। अदालत ने कहा, अगर कुछ घंटे भी लोग शांतिपूर्वक त्योहार नहीं मना सकते, तो वहां चुनाव की जरूरत क्या है? बहरामपुर सीट के लिए 13 मई को मतदान होना है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ बहरामपुर के मुर्शिदाबाद में हिंसा की जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में 13 व 17 अप्रैल को हुई हिंसा की सीबीआई और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच की मांग की गई है। कोर्ट ने कहा, यदि आदर्श आचार संहिता लागू होने पर भी दो समूह लड़ रहे हैं, तो उन्हें किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधियों की जरूरत नहीं है, क्योंकि चुनाव एक और समस्या पैदा करेगा। गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद में रामनवमी की शोभायात्रा पर छतों से ईंटें व बम फेंक गए थे। मामले में हिंदू व मुस्लिम दोनों पक्षों ने याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने कहा, राज्य व केंद्रीय एजेंसियां चाहें तो हलफनामा दे सकती हैं। कोर्ट ने कहा, राज्य को अदालत को रिपोर्ट देनी चाहिए कि रामनवमी पर क्या हुआ।
किसने उकसाया, यह जानना जरूरी
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, रामनवमी पर कोलकाता में 33 से अधिक कार्यक्रम हुए, लेकिन कहीं हिंसा नहीं हुई। मुर्शिदाबाद में जहां हिंसा हुई, वहां पहले कभी रामनवमी पर हिंसा नहीं हुई थी। इसलिए यह जानना जरूरी है कि इसके लिए किसने उकसाया? क्या इसमें बाहरी लोग शामिल थे?