भारतीय बाजार के छोटे व्यापारियों पर ई-बाजार की कंपनियों का बड़ा दबाव है। अपनी भारी पूंजी के जरिए वे ग्राहकों को बेतरतीब छूट देती हैं और इससे ग्राहक ऑन लाइन मार्केट से सामान खरीदने लगे हैं जिससे बाजार में असामान्य प्रतियोगिता पैदा हुई है। इस प्रतियोगिता में छोटे व्यापारियों का बड़ा नुकसान हो रहा है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर सरकार से ऑनलाइन कंपनियों के लिए नियम कानून बनाने की मांग की है।
पीयूष गोयल से मिले व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का कहना है कि भारी पूंजी के चलते बड़ी कंपनियों को बड़े ऑर्डर करने की सहूलियत होती है जिससे वे कम मार्जिन रखकर भी मुनाफा कमा लेती हैं जबकि वही सामान छोटे व्यापारियों को ज्यादा मूल्य पर मिलता है। इससे छोटे व्यापारियों के लिए थोड़ा भी लाभ ले पाना मुश्किल हो जाता है। कैट ने इस असंतुलन को दूर करने के लिए नियम बनाने की मांग की है।
इसके पहले पिछली सरकार के समय भी व्यापारियों ने इसी तरह की मांग की थी। उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने ऑनलाइन बाजार में किसी उत्पाद को उतारने पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब कैट की मांग है कि एक नियम के तहत सभी कंपनियों को लाया जाए और सभी को समान व्यापार करने का अवसर उपलब्ध कराया जाए।
कैट की मांग नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और उसके उल्लंघन के लिए एक नियामक प्राधिकरण भी स्थापित किया जाए। जानकारी के मुताबिक सरकार से व्यापारियों की बात पर गौर करने का आश्वासन मिला है।