नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने गृह और संस्कृति मंत्रालय में अधिकारियों को मिलने वाले लीव ट्रेवल कंसेसन (एलटीसी) में धांधली का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने निजी एयरलाइंस से जम्मू-कश्मीर की यात्रा का गलत और बढ़ा चढ़ाकर बिल पेश किया। ऑडिट के बाद गृह मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
एलटीसी के तहत सरकारी कर्मचारियों को आने-जाने का यात्रा खर्च और छुट्टी मिलती है। नियम के मुताबिक सभी सरकारी कर्मचारी निजी एयरलाइंस से जम्मू-कश्मीर जा सकते है लेकिन उन्हें सीधे एयरलाइंस से या मंत्रालय द्वारा अधिकृत एजेंटों से ही टिकट खरीदना होता है।
एलटीसी बिल की जांच के दौरान पाया गया कि गृह और संस्कृति मंत्रालय के 44 अधिकारियों ने इंडिगो, स्पाइसजेट और गो एयर से जम्मू-कश्मीर की यात्रा की। कैग ने इन अधिकारियों की ओर से दिए गए बिल का मिलान इन एयरलाइंस की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी से की तो पाया गया कि दावे के लिए जो बिल पेश किए गए हैं वे सही नहीं हैं।
यह भी देखा गया कि जो टिकट पेश किए गए थे वे एयरलाइंस की ओर से जारी टिकट के अनुरूप नहीं थे। इस तरह कुल 14.32 लाख रुपये की धांधली की गई। गृह मंत्रालय ने इस सच्चाई को स्वीकार करते हुए मामले की जांच के लिए एक दो सदस्यीय कमेटी की गठन किया है।