49 मामलों में विलंब मूल समयसीमा के 100 प्रतिशत से अधिक थी, जबकि कुल विलंब 16,500 प्रतिशत के आसपास था। यह भी कहा गया है कि डीआरडीओ ने प्रोजेक्ट के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए समय विस्तार मांगने की बजाय उन्हें सफल मानकर बंद कर दिया।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी एक रिपोर्ट में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की परियोजनाओं में देरी और मिशन मोड परियोजनाओं की अपर्याप्त निगरानी के मुद्दों को उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरडीओ से शुरू किए गए 178 प्रोजेक्ट में से 119 में समय का पालन नहीं हुआ।
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रिपोर्ट में कहा गया गया है कि 49 मामलों में विलंब मूल समयसीमा के 100 प्रतिशत से अधिक थी, जबकि कुल विलंब 16,500 प्रतिशत के आसपास था। यह भी कहा गया है कि डीआरडीओ ने प्रोजेक्ट के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए समय विस्तार मांगने की बजाय उन्हें सफल मानकर बंद कर दिया। कैग की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह रिपोर्ट ‘डीआरडीओ में मिशन मोड परियोजनाओं के प्रबंधन और परिणाम के प्रदर्शन की लेखा परीक्षा’ बुधवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई थी।