कोयला खान की नीलामी में कैग ने ढूंढी खामियां।
पिछले साल राजग सरकार (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) द्वारा कोयला खानों की ई-नीलामी में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने खामियां निकाली हैं। कैग का कहना है कि कॉरपोरेट समूहों द्वारा अपने संयुक्त उद्यमों या अनुषंगी कंपनियों द्वारा एक से अधिक बोलियां लगाई गईं। इससे यह सुनिश्चित होता कि शुरुआती दो चरणों में प्रतिस्पर्धा का अपेक्षित स्तर हासिल हो गया होगा।
मंगलवार को संसद में पेश की रिपोर्ट में कैग ने कहा कि 11 कोयला ब्लॉक की नीलामी में कॉरपोरेट समूहों के संयुक्त उद्यमों और अनुषंगी कंपनियों द्वारा एक से अधिक बोली लगाने के कारण प्रतिस्पर्धा सीमित रही। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ऑडिट से यह सुनिश्चित नहीं होता कि शुरुआती दो चरणों में 11 कोल ब्लॉक की नीलामी के दौरान लगी बोलियों में प्रतिस्पर्धा का अपेक्षित स्तर प्राप्त किया गया।’
कैग ने कहा है, पहले और दूसरे चरण में 29 कोयला खानों में से 11 की सफल ई-नीलामी हुई। ई-नीलामी के चरण में कई पात्र बोली लगाने वाले समान कंपनी, मुख्य कंपनी की अनुषंगी इकाई या संयुक्त उद्यम थे।