पूरे देश में कॉमन मेडिकल टेस्ट यानि NEET पर बहस और विवाद के बीच केंद्र सरकार ने इसे अगले साल तक टालने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में शुक्रवार की सुबह कैबिनेट की बैठक हई जिसमें राज्य के बोर्ड्स को एक साल तक के लिए NEET से छूट मिल गई है। वहीं इस मामले पर याचिकाकार्ताओं के वकील अमित कुमार का कहना है कि वे कैबिनेट द्वारा पारित किए गए अध्यादेश के खिलाफ 24 जुलाई से पहले सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखते हुए कहा है कि NEET पर अध्यादेश देश के खिलाफ होगा। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद नीट का पहला पेपर 1 मई को संपन्न हुआ था जबकि दूसरा चरण 24 जुलाई को है। 1 मई को संपन्न हुई NEET के पहले चरण में 6.6 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी।
NEET पर लाया गया यह अध्यादेश आंशिक रूप से सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले को पलटने के उद्देश्य से लाया गया है जिसमें कहा गया था कि सरकार को नीट कराना ही होगा। जब यह अध्यादेश लागू हो जाएगा उसके बाद राज्यों के बच्चों को आगामी 24 जुलाई को होने वाली NEET परीक्षा में बैठने की जरूरत नहीं होगी। इस बात की संभावना भी जताई जा रही है कि स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा अध्यादेश के संबंध में राष्ट्रपति से मिलेंगे।
I sincerely urge Modi ji not to bring any ordinance to overturn SC order on NEET. Wrote this letter to Hon'ble PM pic.twitter.com/9eID2IsfSD
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 20, 2016
वहीं कांग्रेस ने कहा है कि सरकार अध्यादेश निजी कॉलेजों के इशारे पर लाई है। सरकार के इस फैसले पर महाराष्ट्र के देवेंद्र फणडवीस ने कहा कि वे इस फैसले से खुश हैं।
Happy that central cabinet promulgated ordinance to postpone NEET exam by a year: Devendra Fadnavis, CM Maharashtra pic.twitter.com/cr9AhbS5ee— ANI (@ANI_news) May 20, 2016