केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को गगनयान परियोजना को मंजूरी दे दी जिसके तहत तीन सदस्यीय दल को कम से कम सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस परियोजना पर 10 हजार करोड़ की लागत आएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में गगनयान परियोजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को 2022 तक अमल में लाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में मदद के लिए भारत ने पहले ही रूस और फ्रांस के साथ समझौते किए हैं।
अगर यह मिशन कामयाब हुआ तो अंतरिक्ष पर मानव मिशन भेजने वाला भारत दुनिया का चौथा देश होगा। पीएम मोदी ने कहा था कि यह मिशन 2022 तक पूरा होगा।
बता दें कि पिछले दिनों इसरो ने एक एस्केप मॉड्युल यानी कैप्सुल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था, जिसे अंतरिक्ष यात्री अपने साथ ले जा सकेंगे। अंतरिक्ष यात्री दुर्घटना होने पर कैप्सुल में सवार होकर पृथ्वी की कक्षा में सुरक्षित पहुंच सकते हैं। इसरो ने इस मॉड्यूल का विकास खुद ही किया है।