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पेरिस समझौते पर कैबिनेट की मुहर, अमेरिका ने पूरा श्रेय पीएम मोदी को दिया

Thu, 29 Sep 2016 04:53 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली/वाशिंगटन
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केंद्र सरकार ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते को स्वीकारने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। गांधी जयंती यानी दो अक्तूबर को इस समझौते को स्वीकार किया जाएगा। ऐसा होने पर समझौते को स्वीकार करने वाला भारत दुनिया का एक अहम देश बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षा में बैठी कैबिनेट नेे समझौते को स्वीकारने पर मुहर लगा दी।
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कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी ने इस समझौते को स्वीकारने के फैसले की घोषणा की थी। समझौते को स्वीकार किए जाने से दुनिया में जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को बल मिलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि पेरिस समझौते को क्रियान्वित करने वाला भारत एक अहम देश होगा। उन्होंने कहा कि समझौते को स्वीकारने पर कैबिनेट की मुहर एक ऐतिहासिक फैसला है। इस फैसले से भारत के जिम्मेदार नेतृत्व का पता चलता है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि 55 फीसदी ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले कम से कम 55 देशों द्वारा इस समझौते को स्वीकार कर लिए जाने के बाद यह समझौता प्रभावी हो जाएगा। अभी तक 61 देशों ने इस समझौते को स्वीकार करने पर अपनी हामी भरी है, जो कुल मिलाकर 47.79 फीसदी ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करते हैं। भारत 4.1 फीसदी ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करता है और इसके समझौते को स्वीकार करने के बाद 51.89 फीसदी ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले देश इस समझौते को स्वीकार कर चुके होंगे।
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पेरिस समझौते का अनुमोदन का श्रेय मोदी को : अमेरिका

- फोटो : Getty Images
अमेरिका ने बुधवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते का भारत द्वारा दो अक्तूबर को अनुमोदन किए जाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। यह उनके साहसी नेतृत्व का एक और उदाहरण है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने कहा, ‘ हम भारत सरकार के कदमों का स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने साहसी नेतृत्व का एक और उदाहरण इस मामले में पेश किया है।

इसका श्रेय उन्हें जाता है। मोदी जानते हैं कि इस मसले पर भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का नेतृत्व करना कितना महत्वपूर्ण है। मैं जानता हूं कि राष्ट्रपति ओबामा ने जब लाओस में इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी तो उन्होंने इस मसले पर उनके नेतृत्व के लिए उन्हें धन्यवाद दिया था।

भारत के अनुमोदन के बाद जलवायु परिवर्तन संबंधी पेरिस समझौता प्रभावी होने के काफी निकट पहुंच जाएगा। हालांकि हमने अनुमोदन के लिए कोई कठोर समयसीमा तय नहीं की है। हमें इस समझौते के इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक लागू हो जाने की उम्मीद है।’
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