कोटा के रहने वाले शादाब हुसैन फाइनल (ओल्ड) के ऑल इंडिया टॉपर रहे। शादाब को यह सफलता उनके पहले प्रयास में ही मिल गई। शादाब ने कोटा विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है। उनके पिता दर्जी हैं और उन्होंने 10वीं तक पढ़ाई की है। शादाब की चार बहनें हैं। गरीब और कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद शादाब के माता-पिता ने उसे अच्छी शिक्षा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब शादाब ने भी टॉप कर उनकी मेहनत सफल कर दी।
शादाब का कहना है, 'मैंने नौकरी के लिए दिन-रात पढ़ाई की ताकि मैं अपने पैरों पर खड़ा हो सकूं और माता-पिता को परेशान न होना पड़े। मैंने सीए के क्षेत्र में जाने का विचार बनाया, यह ऐसा प्लेटफॉर्म हैं जहां जीवनभर लोग सीखते रहते हैं। काफी सोच विचार करने के बाद मैंने सीए बनने का निश्चय किया था।'
23 वर्षीय शादाब ने दिन के 13-14 घंटे पढ़ाई को दिए। शादाब कहते हैं, 'तीन घंटे पढ़ाई के बाद मैं 30-40 मिनट का ब्रेक लिया करता था। इसके साथ ही हर रोज 2-3 किलोमीटर पैदल भी चलता था। इससे मुझे तनाव कम करने में दद मिलती थी। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही थी मैंने पढ़ाई का समय कम किया जिससे मेरा दिमाग अलर्ट रहे।'