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क्या अरविंद केजरीवाल राजनीति की चिकोटी काट गए या फिर उठाया आत्मघाती कदम?

Mon, 04 May 2020 11:03 PM IST
Rohit Ojha शशिधर पाठक

सार

  • शराब के दुकानों से पाबंदी हटाना गलत-डा. तूलिका चंद्रा
  • एम्स के डा. ने कहा सरकार की संवेदनशीलता पता चल गई
  • केंद्र सरकार के रणनीतिकारों ने फोन किए बंद
  • डा. हर्ष वर्धन की संतुलित प्रतिक्रिया, केजरीवाल ने भी भोले भाले रुख को अपनाया
  • गृह मंत्रालय के पूर्व सचिव ने कहा कि वह भी हैरान हैं
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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जमीन से जुड़े दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार की शाम को अचानक दिल्ली को इस तरह से खोलने का निर्णय क्यों ले लिया? क्या अरविंद केजरीवाल ने आत्मघाती कदम उठाया या फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय के बहाने सरकार को राजनीतिक चिकोटी भी काट ली? दिलचस्प है कि दिल्ली, नोएडा में शराब की लंबी लगी कतार और सोशल डिस्टेसिंग की उड़ी धज्जियों पर पर केंद्र सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया। गृह मंत्रालय ने भी कोई नया सर्कुलर जारी नहीं किया है। डा. हर्ष वर्धन ने केवल इतना कहा कि दिल्ली में लॉकडाऊन में इतनी छूट नहीं मिलनी चाहिए।
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क्या अरविंद केजरीवाल को नहीं पता था?
दिल्ली और शराब से लोगों का प्रेम छिपा नहीं हैं। आम आदमी पार्टी के एक विधायक सवाल को मुस्कराकर टाल गए? अंदाजा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जरूर वाइन शाप पर लगने वाली भीड़ का अंदाजा रहा होगा। लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अन्य राज्यों की तरह ही राजधानी में व्यवसायिक, कारोबारी गतिविधियों को शुरू करने का निर्णय ले लिया।

मुख्यमंत्री ने यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुरूप लिया। उन्होंने इसके पीछे दिल्ली सरकार के पास सबसे कमजोर राजस्व आने का हवाला दिया? कहा भी कि आखिर सरकार कैसे चलाएंगे? शाम को प्रेस वार्ता करके चेतावनी दे दी कि यदि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ तो छूट वापस ले लेंगे। माना जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइड लाइन और तमाम भाजपा शासित राज्यों जैसा दिल्ली सरकार द्वारा निर्णय लिए जाने के कारण डा. हर्ष वर्धन अधिकारिक बयान देने से बचते रहे।
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समझ में नहीं आया कि लॉकडाऊन और इसे खोलने की पॉलिसी क्या है?
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान के वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि उन्हें तो कोविड-19 संक्रमण से मुकाबले की पॉलिसी ही समझ में नहीं आ रही है। केजीएमयू, लखनऊ की डा. तूलिका चंद्रा को भी लग रहा है कि केंद्र सरकार के रणनीतिकारों में भ्रम बढ़ रहा है। उन्हें शराब की दुकानों को खोलने का निर्णय भी खराब लग रहा है।

डा. चंद्रा का कहना है कि इससे लोगों का पैसा शराब पर खर्च होगा, घर का किचन बजट गड़बड़ाएगा, महिलाओं पर दबाव और घरेलू हिंसा बढ़ेगी। इसलिए पहले यह तो जरूरी नहीं था। तूलिका आगे भी कहती हैं कि जब कुछ शराब की दुकानें खुलेंगी तो फिजिकल डिस्टेंसिंग की धज्जियां हर शहर में उड़ेंगी ही? यह सरकार कोविड-19 के संक्रमण के समय में खुद आग से खेल रही है।

मैक्स, वैशाली के डा. अश्विन चौबे का कहना है कि 40 दिन के लॉकडाऊन का फिर क्या मतलब रहा, वह नहीं समझ पाते? क्योंकि अभी सरकार ने कोविड-19 संक्रमण की जो जांच होनी चाहिए थी, कराई ही नहीं। स्क्रीनिंग भी नहीं हुई, फिर अचानक यह कदम क्यों? एम्स के वरिष्ठ डा. और डा. तूलिका दोनों का कहना है कि सरकार का सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) शब्द का इस्तेमाल ही गलत है, यह फिजिकल डिस्टेंसिंग (शारीरिक दूरी) होनी चाहिए।

एम्स के चिकित्सक का कहना है कि लॉकडाउन करते समय गरीबों, मजदूरों, पर्यटन पर गए लोगों, छात्रों का नहीं सोचा। अर्थव्यव्यस्था की चिंता नहीं की, घोषणा कर दी गई। अब अफरातफरी मची है तो हटाने का अजीब निर्णय?  मुझे तो बिना आर्थिक पैकेज के लॉकडाउन भी समझ में नहीं आता?
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महाराष्ट्र ने वापस लिया निर्णय, गाजियाबाद के विधायक ने लिखा विरोध में पत्र

गाजियाबाद के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शराब की दुकाने बंद करने का आग्रह किया है। इसके सामानांतर महाराष्ट्र सरकार ने इस शराब की दुकानें बंद का करने का निर्णय ले लिया है।

पश्चिम बंगाल की सरकार ने एक व्यक्ति को सीमित दो बोतल शराब देने का निर्णय लिया है। कई राज्यों नें लोग शराब की दुकानों को इस तरह से खोले जाने का विरोध कर रहे हैं। इस बारे में केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ सरकार के अफसर का कहना है कि एक-दो दिन में यही हालत बनी रही तो सरकार कोई कदम उठा सकती है।

कोविड-19 संक्रमण में कहां खड़ी है दिल्ली?
दिल्ली में कोविड-19 के 45049 संक्रमित हैं। 1362 ठीक हुए, 64 की मृत्यु हो चुकी है। 21 अस्पताल के कर्मी कोविड-19 का इलाज करने के क्रम में करीब 200 डा., नर्स, पैथोलॉजी के कर्मी संक्रमित हो चुके हैं। 60 पुलिस कर्मियों में संक्रमण की जांच चल रही है। 126 बटालियन के 135 सीआरपीएफ के जवान, 42 बीएसएफ के जवान कोविड-19 संक्रमण से ग्रसित हैं।

दिल्ली के सभी 11 जिलों में कोविड-19 के 24 घंटे में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। इतना ही नहीं सभी जिले रेज डोन में भी हैं। ऐसे में दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मश्री सिंगला, स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन, कोविड-19 के दिल्ली के रणनीतिकार एसके सरीन, डा. जेसी पासी, स्वास्थ्य निदेशालय के अफसरों के पास कोई सटीक जवाब नहीं है।

इसके सामानांतर देश में भी कोविड-19 का संक्रमण बढ़ा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार 42830 संक्रमित हैं। 11762 ठीक हो चुके हैं। 1389 लोगों की संक्रमण से मृत्यु हुई है। 29,685 में संक्रमण पॉजिटिव मिल चुका है। लेकिन विशेषज्ञों की माने तो यह आंकड़ा कहीं अधिक है।
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