प्रो. वैद्य रबिनारायण आचार्य
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डॉ. दीपा मिश्रा
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पीरियड्स के दौरान महिलाओं को क्या करना चाहिए?
इस सवाल का जवाब बीएचयू के प्रसूति तंत्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. दीपा मिश्रा ने दिया। उन्होंने कहा, 'पीरियड्स नेचुरल प्रक्रिया है। इसे सामान्य तौर पर ही लेना चाहिए। आजकल हल्का सा दर्द होने पर लड़कियां दवा लेने लगती हैं। ज्यादा क्रैंप होने पर दर्द निवारक दवा ले सकते हैं, लेकिन थोड़े बहुत क्रैंप्स हैं तो, उसे नॉर्मल ही लेना चाहिए। तब लोअर एब्डोमेन पर फर्मेंटेशन देकर हल्का सा तेल लगाना चाहिए। इसमें नारायण महानारायण तेल आता है। उसे लगाकर आप गर्म सेंकाई कर सकते हैं। इसके अलावा आयुर्वेद के घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं और लड़कियां थोड़ी से हींग डालकर अजवायन का काढ़ा बनाकर पी सकती हैं। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा। जिन्हें पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द होता है, वो काला तिल और गुड़ के लड्डू बनाकर खा सकते हैं। ज्यादा फ्लोटिंग, फ्री मेंस्ट्रल सिंड्रोम जैसे लक्षण होने पर भी आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग कर सकते हैं। इससे काफी आराम मिलेगा और एलोपैथिक दवाइयों के साइड इफेक्ट्स से भी बचा जा सकता है।
अगर किसी में खून की कमी हो तो पीरियड्स में क्या करना चाहिए?
कई बार सही आहार की कमी के चलते लड़कियों में खून की कमी हो जाती है। हरी सब्जियां खानी चाहिए। आंवला, अनार, सेब, केला, चुकंदर खाना चाहिए। ये हमेशा हीमोग्लोबिन बढ़ाता है। लेकिन ये हमेशा रखना होगा। डेली रूटीन में रखना होगा। इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा।
महिलाएं यूटीआई की समस्या को कैसे दूर करें?
इसके लिए सबसे जरूरी है साफ-सफाई। ऐसी जगहों पर मल-मूत्र त्यागने से बचें जहां गंदगी होती है। खासतौर पर पब्लिक टॉयलेट में भी गंदगी होती है। लड़कियों को मेंट्रूअल हाइजीन का भी ध्यान रखें। लड़कियों में ये समस्या होना आम बात है। ऐसी परिस्थिति में खूब पानी पीना चाहिए। अगर उन्हें बर्निंग सेंसेशन हो रहा है तो सौंफ को भिगोकर उसका पानी सुबह पीना चाहिए। इससे बर्निंग में काफी आराम मिलता है।
डॉ. मंजूशा राजगोपाल
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