कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लंबे समय से राफेल डील मामले पर मोदी सरकार को घेर रहे हैं। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया था। लेकिन अब इस मुद्दे पर बिजनेसमैन अनिल अंबानी ने राहुल गांधी को एक पत्र लिखकर अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया है। अनिल अंबानी ने अपने पत्र में कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों और कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वियों ने कांग्रेस को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश की है।
अनिल अंबानी ने कहा कि सभी आरोप गलत और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी को फैलाया जा रहा है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान का निर्माण रिलायंस या दसॉ रिलायंस के संयुक्त उद्यम द्वारा नहीं किया जा रहा बल्कि सभी 36 विमानों का 100 फीसदी निर्माण फ्रांस में किया जाएगा। उसके बाद फ्रांस से उनका भारत को निर्यात किया जाएगा।
अनिल अंबानी ने कहा कि बताया जा रहा कि रक्षा मंत्रालय ने रिलायंस समूह की कंपनी को 36 राफेल विमानों का कॉन्ट्रेक्ट दिया है, जबकि ऐसा नहीं है। यह गलत बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसके बाद रिलायंस को हजारों करोड़ का फायदा होने जा रहा है जबकि यह सिर्फ कोरी अफवाह है। उन्होंने कहा कि हमारा भारत सरकार के साथ कोई भी कॉन्ट्रेक्ट नहीं होने जा रहा है।
आरोप है कि साल 2015 में राफेल सौदे की घोषणा से दस दिन पहले ही रिलायंस डिफेंस का गठन हआ था। जबकि रिलायंस समूह ने दिसंबर 2014 जनवरी 2015 में ही इसकी घोषणा कर दी थी। उन्होंने कहा कि फरवरी 2015 में ही हमने बस भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों को बता दिया था कि हमने कंपनी का गठन कर लिया है।