अब धन उगाही सहित कई गतिविधियां भी संवेदनशील जानकारी के दायरे में
बाजार नियामक सेबी ने अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचना (यूपीएसआई) के दायरे को बढ़ा दिया है। अब कंपनी के प्रबंधन या नियंत्रण, बैंकों या वित्तीय संस्थानों से ऋण और उधार की पुनर्गठन योजनाओं और एकमुश्त बैंक निपटान को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रस्तावित धन उगाहने वाली गतिविधियों के समझौते भी दायरे में आएंगे। इस कदम का उद्देश्य विनियामक स्पष्टता, निश्चितता और अनुपालन में एकरूपता बढ़ाना है। सेबी ने 11 मार्च को जारी अधिसूचना में इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों में संशोधन किया है। नए नियम 10 जून से लागू होंगे। सेबी ने कहा कि कंपनी, उसके प्रमोटर, निदेशक, प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक या सहायक कंपनी द्वारा धोखाधड़ी या चूक या अधिकारियों की गिरफ्तारी, चाहे वह भारत में हुई हो या विदेश में, उसे यूपीएसआई के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। कंपनी द्वारा वित्तीय गलतबयानी या गबन के संबंध में फोरेंसिक ऑडिट की कोई भी शुरुआत या अंतिम रिपोर्ट की प्राप्ति यूपीएसआई के दायरे में आएगी। इस संशोधन के साथ अब यूपीएसआई मानी जाने वाली घटनाओं की संख्या पांच से बढ़कर 16 हो गई है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक आरसी शर्मा का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। शर्मा बोफोर्स, प्रतिभूति घोटाला और चंद्रास्वामी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जांचों का हिस्सा रहे हैं।
योग गुरु रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद और रजनीगंधा ब्रांड का स्वामित्व रखने वाला धर्मपाल सत्यपाल (डीएस) ग्रुप अदार पूनावाल की सनोती प्रॉपर्टीज एलएलपी से मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का अधिग्रहण करेंगे। बीमा कंपनी का अधिग्रहण 4,500 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर किया जाएगा। मैग्मा जनरल इंश्योरेंस का स्वामित्व अदार पूनावाला और राइजिंग सन होल्डिंग्स के पास है।
ईडी की जांच में टीएएसएमएसी के संचालन में अनियमितताएं, 1,000 करोड़ के अवैध लेनदेन का पता चला
प्रवर्तन निदेशालय ने (ईडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे तमिलनाडु में शराब व्यापार पर एकाधिकार रखने वाले तमिलनाडु राज्य विपणन निगम लिमिटेड (टीएएसएमएसी) के संचालन में अनियमितताएं मिली हैं। इसमें निविदा प्रक्रियाओं में हेरफेर और शराब बनाने वाली कंपनियों के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपये के बेहिसाब नकद लेनदेन शामिल हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने 6 मार्च को टीएएसएमएसी के कर्मचारियों, डिस्टिलरी के कॉर्पोरेट कार्यालयों और संयंत्रों पर छापे मारे थे। ईडी ने दावा किया कि छापों के बाद भ्रष्ट आचरणों के सबूत मिले। जांच एजेंसी ने कहा कि उसे तलाशी के दौरान स्थानांतरण पोस्टिंग, परिवहन और बार लाइसेंस निविदाएं, कुछ डिस्टिलरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाले इंडेंट ऑर्डर, टीएएसएमएसी आउटलेट्स की ओर से प्रति बोतल 10-30 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लेने से संबंधित आपत्तिजनक डाटा मिला। इसमें टीएएसएमएसी अधिकारियों की संलिप्तता भी शामिल थी।
भाजपा ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर साधा निशाना
इस बीच, तमिलनाडु के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने टीएएसएमएसी में अनियमितताओं के लिए राज्य की द्रमुक सरकार पर हमला बोला। अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का यह कर्तव्य है कि वे जवाब दें और खुद से पूछें कि क्या उन्हें अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है।