अमेजन भारत में करेगी 35 अरब डॉलर का निवेश
अमेजन 2030 तक भारत में अपने कारोबार में 35 अरब डॉलर का भारी निवेश करने वाली है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य एआई-संचालित डिजिटलीकरण, निर्यात वृद्धि और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करना है। कंपनी ने भारत से निर्यात को चौगुना बढ़ाकर 80 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है, जो अभी तक लगभग 20 अरब डॉलर है। साथ ही, 2030 तक अतिरिक्त दस लाख प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष, प्रेरित और मौसमी नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा है। अमेजन ने 2010 से अब तक भारत में 40 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय वार्ता
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार सहयोग को मजबूत करने को नई दिल्ली लेकर महत्वपूर्ण संवाद हुआ। अमेरिकी राजनीतिक मामलों की उप विदेश सचिव एलिसन हुकर ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के फरवरी में हुए वार्तालाप को ठोस नतीजों में बदलने पर जोर दिया।
हुकर पांच दिवसीय भारत दौरे पर हैं। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, उन्होंने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला लचीलापन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की वाशिंगटन प्रशासन की मंशा बताई। दूतावास ने कहा कि यह बैठक दोनों देशों के नेताओं की साझा दृष्टि को व्यावहारिक रूप देने और अमेरिका के सुरक्षा, प्रतिस्पर्धा एवं रोजगार हितों के साथ-साथ भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्यों को मजबूत करने का अवसर है।
यूएस कोर्ट ने बायजूस के 1 अरब डॉलर जुर्माने का आदेश पलटा
अमेरिका की एक दिवालिया अदालत ने बायजूस के संस्थापक बायजू रवींद्रन के खिलाफ जारी 1 अरब डॉलर के नुकसान-भरपाई आदेश को वापस ले लिया है। यह निर्देश डेलावेयर कोर्ट ने उन ताजा दलीलों पर सुनवाई के बाद दिया, जो रवींद्रन की ओर से दाखिल की गई थीं। पिछले महीने अदालत ने डिफॉल्ट आदेश में यह जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने आरोप लगाया था कि रवींद्रन ने 2021 में लिए गए 1.2 अरब डॉलर के टर्म लोन की रकम में से लगभग आधी राशि का पता लगाने में सहयोग नहीं किया। रवींद्रन ने दावा किया था कि उन्हें अपनी ओर से वकील नियुक्त करने और दलील पेश करने के लिए 30 दिनों का समय नहीं दिया गया। उन्होंने आदेश को चुनौती देने की बात भी कही थी।
8 दिसंबर के नए निर्देश में अदालत ने कहा कि वह अपने पूर्व निर्णय से नुकसान-आकलन से जुड़ी धाराओं को हटाएगी और जनवरी 2026 की शुरुआत में फिर से सुनवाई होगी, जिसमें संभावित नुकसान का निर्धारण किया जाएगा।