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Biz Updates: एअर इंडिया के पूर्व CMD प्रदीप सिंह खरोला को अहम जिम्मा, चेयरमैन ऑफिस में बन सकते हैं बड़े अफसर

Tue, 23 Jun 2026 09:16 AM IST
Jyoti Bhaskar न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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एअर इंडिया में पूर्व सीएमडी (मुख्य प्रबंध निदेशक) रहे प्रदीप सिंह खरोला इस कंपनी में कार्यकारी निदेशक का पदभार संभाल सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआई पर सूत्रों के हवाले से जारी रिपोर्ट के मुताबिक खरोला तत्काल प्रभाव से एयरलाइन में कार्यकारी निदेशक का पदभार संभालेंगे। इनकी नियुक्ति एअर इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन के समय हुई है। खरोला पहले 2017 से 2019 तक एअर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। उस समय एयरलाइन सरकार के स्वामित्व में थी। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय में सचिव के रूप में भी कार्य किया। वह एयरलाइन के निजीकरण प्रक्रिया से भी जुड़े थे। एअर इंडिया का निजीकरण 2022 में टाटा समूह द्वारा किया गया था। प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन आगामी महीनों में पद छोड़ेंगे।

राजेश एक्सपोर्ट्स पर ईडी की तलाशी, सेबी की जांच के बाद कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार, 23 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई बाजार नियामक सेबी द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है। कंपनी का मुख्यालय बेंगलुरु में है। यह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत जांच के दायरे में है।

सेबी के अंतरिम आदेश के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स ने पांच वर्षों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का समेकित राजस्व बढ़ाया था। कंपनी पर स्विट्जरलैंड स्थित वालकंबी एसए जैसी विदेशी सहायक कंपनियों को भारी राजस्व का श्रेय देने का आरोप है। जबकि सहायक कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय विवरणों में यह राशि बहुत कम दिखाई गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को बेंगलुरु और मुंबई में कंपनी से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत की गई है। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

सेबी की कार्रवाई और कंपनी का जवाब

नियामक सेबी ने कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, राजेश मेहता पर रोक लगाई है। उन्हें राजेश एक्सपोर्ट्स की प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या उनमें व्यापार करने से रोका गया है। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी। राजेश एक्सपोर्ट्स ने किसी भी वित्तीय अनियमितता से इन्कार किया है। कंपनी का कहना है कि उसका रिपोर्ट किया गया राजस्व सही था।

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