बेलगाम अफसरों के पांच किस्से: किसी ने मोबाइल के लिए नहर तो किसी ने कुत्ते के लिए स्टेडियम खाली कराया, पढ़ें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sun, 28 May 2023 04:51 PM IST
सार
हालिया घटना छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की है। दरअसल, सोमवार 20 मई को खाद्य निरीक्षक राजेश विश्वास का महंगा फोन नहर में गिर गया था। फोन को निकालने के लिए 30 एचपी का पंप लगाकर जलाशय से 21 लाख लीटर पानी बहा दिया।
'बेलगाम' अफसर
- फोटो : AMAR UJALA
देश में अफसर जनता की सेवा और मदद के लिए होते हैं। यही बातें उन्हें ट्रेनिंग के दौरान भी सिखाई जाती हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया। हाल ही में छत्तीसगढ़ में जलाशय में गिरे मोबाइल को निकालने के लिए फूड इंस्पेक्टर ने नहर का पानी खाली करवा दिया। इससे पहले दिल्ली में एक आईएएस दंपत्ति द्वारा उनका कुत्ता टहलाने के लिए पूरा स्टेडियम खाली करवाने का एक अजीबो-गरीबो मामला सामने आया था। आइए पढ़ते हैं बेलगाम अफसरों से जुड़ी ये पांच घटनाएं...
'बेलगाम' अफसर
- फोटो : AMAR UJALA
देश में अफसर जनता की सेवा और मदद के लिए होते हैं। यही बातें उन्हें ट्रेनिंग के दौरान भी सिखाई जाती हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जहां अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग किया। हाल ही में छत्तीसगढ़ में जलाशय में गिरे मोबाइल को निकालने के लिए फूड इंस्पेक्टर ने नहर का पानी खाली करवा दिया। इससे पहले दिल्ली में एक आईएएस दंपत्ति द्वारा उनका कुत्ता टहलाने के लिए पूरा स्टेडियम खाली करवाने का एक अजीबो-गरीबो मामला सामने आया था। आइए पढ़ते हैं बेलगाम अफसरों से जुड़ी ये पांच घटनाएं...
निलंबित किया गया फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास।
- फोटो : संवाद
मोबाइल के लिए 21 लाख लीटर पानी बहा दिया
हालिया घटना छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की है। दरअसल, सोमवार 20 मई को जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के खाद्य निरीक्षक राजेश विश्वास अपने दोस्तों के साथ पंखाजूर के परलकोट जलाशय के पास पार्टी करने गए थे। सेल्फी लेने के दौरान उनका महंगा फोन पानी में गिर गया था। फोन को निकालने के लिए चार दिनों तक अभियान चलाया गया। इसके लिए पहले गोताखोरों की मदद ली गई। जब बात नहीं बनी तो 30 एचपी का पंप लगाकर जलाशय से 21 लाख लीटर पानी बहा दिया। आखिरकार इसके बाद गुरुवार को उनका मोबइल मिल सका। फूड इंस्पेक्टर साहब का मोबाइल तो मिल गया, लेकिन पानी की बर्बादी गले की फांस बन गई। मामला सुर्खियों में आने के बाद कांकेर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने फूड इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। वहीं जल संसाधन विभाग के एसडीओ को भी फूड इंस्पेक्टर को मौखिक अनुमति दिए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही एसडीओ पर कार्रवाई करने के लिए विभाग को भी पत्र लिखा गया है। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने भी आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही थी।
आईएएस छवि रंजन
- फोटो : AMAR UJALA
डीसी रहते फर्जी कागजात बनाकर जमीन हड़प ली
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इसी साल पांच मई को झारखंड में के आईएएस छवि रंजन को गिरफ्तार किया। उन पर रांची में अवैध रूप से जमीन हड़पने और बेचने का आरोप है। आरोप है कि एक सिंडिकेट जिसमें भू माफिया, बिचौलिए और नौकरशाह शामिल हैं, साठगांठ कर कथित तौर पर जमीन के कामों और दस्तावेजों के फर्जीवाड़े में शामिल है। सिंडिकेट ने रांची में 4.5 एकड़ रक्षा भूमि को हड़पने के लिए कुछ जाली दस्तावेज बनाए थे जिसमें राज्य और जिले तक बदल दिए गए गए थे। बाद में इसने उसी जमीन को फर्जी तरीके से पश्चिम बंगाल की एक कंपनी को बेच दिया। आरोप के मुताबिक, रांची में डीसी रहते छवि रंजन ने आदिवासी क्षेत्र के कई भूखंडों की प्रकृति में बड़े पैमाने पर बदलाव कराया था। छवि रंजन झारखंड सरकार के समाज विभाग कल्याण में निदेशक हैं।
आईएएस संजीव खिरवार
- फोटो : social media
कुत्ता टहलाने के लिए खाली करवा देते थे स्टेडियम
दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आईएएस संजीव खिरवार और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा अपना कुत्ता घुमाते थे और इस दौरान खिलाड़ियों को स्टेडियम से बाहर इंतजार करने के लिए कहा जाता था। जानकारी के अनुसार त्यागराज स्टेडियम में कोचिंग देने वाले एक कोच ने मई 2022 में दावा किया कि कुछ हफ्तों पहले तक वो रात में करीब 8.30 बजे तक ट्रेनिंग करते थे लेकिन कुछ समय से उन्हें शाम सात बजे ही स्टेडियम खाली करने को कहा जा रहा है। इसके पीछे उन्होंने कारण बताया कि मेरे साथ ही अन्य खिलाड़ियों और कोचों को भी स्टेडियम इसलिए खाली करने को कहा जाता है ताकि एक आईएएस अधिकारी अपने कुत्त संग वहां टहल सकें। कोच का आरोप था कि इससे हमारे व खिलाड़ियों के अभ्यास में व्यवधान पैदा होता है। मामला सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने खिरवार को लद्दाख और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा को ट्रांसफर करके अरुणाचल भेज दिया था।
सूरजपुर कलेक्टर
- फोटो : ANI
कोरोना में दवा लेने गए बच्चे को कलेक्टर ने जड़ा थप्पड़
कोरोना काल में छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी रणवीर शर्मा कैमरे पर थप्पड़ मारते हुए पकड़े गए थे। दरअसल 22 मई 2021 को सूरजपुर में लॉकडाउन के दौरान एक युवक पर्चा लेकर दवाई लेने मेडिकल स्टोर जा रहा था। इसी बीच कलेक्टर रणवीर शर्मा लॉकडाउन का जायजा ले रहे थे। इस दौरान सड़कों पर लोगों की आवाजाही देख वह गुस्साए गए। उनकी नजर युवक पर पड़ी। उन्होंने अपने सुरक्षा गार्डों से उसे रोकने को कहा। जब वह युवक कलेक्टर के पास आया तो वह मोबाइल पर दवा वाला पर्चा दिखाने लगा। इससे नाराज कलेक्टर रणबीर शर्मा ने उसे थप्पड़ जड़कर मोबाइल नीचे फेंक दिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के अगले दिन ही मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए कलेक्टर को हटाने के निर्देश दे दिए।
क्वारंटीन के बाहर कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
आईएएस अफसर हनीमून से लौटे तो नहीं पूरा किया क्वारंटीन
मार्च 2020 में विदेश से हनीमून मनाकर लौटे क्वारंटीन किए गए केरल कैडर के आईएएस अनुपम मिश्रा लापता हो गए थे। प्रयागराज के नैनी निवासी अनुपम मिश्रा केरल कैडर के आईएएस सिंगापुर और मलेशिया से हनीमून मनाकर लौटे थे। एयरपोर्ट पर मेडिकल जांच के बाद उनको 14 दिनों के लिए क्वारंटीन की डॉक्टरों ने सलाह दी थी। पर, वह अपने सरकारी आवास से गायब हो गए। आईएएस के हालचाल जानने के लिए कुछ अधिकारियों ने उनके घर फोन किया तो पता चला कि वह घर पर नहीं हैं। अधिकारियों ने फोन पर संपर्क किया तो अनुपम ने बताया कि वह अपने भाई के साथ बंगलूरू गए हैं। क्योंकि वह एक डॉक्टर हैं और उनकी देखभाल वहां अच्छे से होगी। मामला सामने आने के बाद आईएएस अधिकारी अनुपम मिश्र को निलंबित कर दिया गया था। मामला भी दर्ज किया गया। साथ ही बिना बताए राज्य छोड़ने पर केरल सरकार ने उनसे जवाब मांगा था।