रमेश कुमार नंदा ने ईडी के समक्ष 9 फरवरी 2015 को दी अपनी स्टेटमेंट में कहा था, वह दिल्ली में पहले मिनी पेन 'इंडिया' प्राइवेट लिमिटेड में काम करता था। इसके बाद उसने सुप्रीम एयरवेज के नाम से खुद का कारोबार शुरु किया। कुछ समय पश्चात उसने मिशेल के सहयोग से और एक अन्य पार्टनर जेबी बालासुब्रमण्यम के साथ मिलकर मीडिया एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड का गठन कर लिया था।
यह कंपनी 2005 में स्थापित की गई थी। इसमें आरके नंदा का हिस्सा 99 प्रतिशत, जबकि सुब्रमणयम का स्वामित्व केवल एक फीसदी रहा है। इस कंपनी की बोर्ड मीटिंग कभी नहीं हुई, क्योंकि जेबी बालासुब्रमण्यम मंबई में रहते थे और उनके बाद में नंदा ही कंपनी का कामकाज देखते रहे। उन्होंने अपनी स्टेटमेंट में लिखा है कि वह यह सब क्रिश्चियन मिशेल के कहने पर ही करता था।
साल 2005 से 2007 के बीच क्रिश्चियन मिशेल ने दुबई से छह-सात करोड़ रुपये भेजे थे। यह पैसा मीडिया एग्जिम के सिटी बैंक और एचडीएफसी बैंक के खातों में जमा कराया गया था। प्रारंभ में उसे बताया गया कि वह जेवरात और म्यूजिक सीडी का काम कर रहा था। किसी वजह से यह सामान एक्सपोर्ट नहीं हो पाया और उसने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए वह पैसा लगवा दिया।
यह सारा पैसा क्रिश्चियन मिशेल ने दुबई स्थित अपनी कंपनी ग्लोबल सर्विस एफजेडई के नाम से ट्रांसफर किया था। मिशेल ने इस पैसे से ही सफदरजंग एंक्लेव में ए2/75 प्रॉपर्टी खरीदी थी। इस मकान पर एक ड्राइवर भी रखा गया, जो मिशेल को एयरपोर्ट पर छोड़ने और लेकर आने का काम करता था। नंदा ही उसकी सेलरी देते थे।
उसने चार-पांच साल क्रिश्चियन मिशेल के साथ काम किया था और वह उससे आखिरी बार 2012 में एयरपोर्ट पर मिला था।
बतौर नंदा, इसके बाद वह कभी भारत नहीं आया। एक दिन दुबई से मिशेल का फोन आया कि मार्क पीटर एवं क्रिस आदि उसके तीन दोस्त दिल्ली आ रहे हैं। वे हयात में ठहरे हैं और उन्हें सैनिक फार्म तक छोड़ दें। संजीव त्यागी भी लेने आया था। 2008 में भी त्यागी कई बार मिशेल से मिला था।
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल से सीबीआई ने शुक्रवार को पूछताछ जारी रखी। सूत्र बताते हैं कि पूछताछ के दौरान मिशेल से फिनमैकेनिका और अगस्ता वेस्टलैंड के साथ उसके द्वारा हस्ताक्षरित विभिन्न अनुबंधों की सत्यता को लेकर सवाल पूछे गए। साथ ही यह भी पूछा गया कि सैनिक फार्म में जो बैठक हुई, उसमें कौन कौन लोग शामिल थे व घूस की रकम कैसे और किन लोगों तक पहुंचाई गई।
मिशेल पर लगे हैं ये आरोप
मिशेल ने कई दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की उड़ान सीमा को 6,000 मीटर से घटाकर 4,500 मीटर करा दिया गया। अन्य आरोपियों में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्य और कई दूसरे नौकरशाह शामिल थे। बता दें कि उड़ान सीमा घटने की वजह से ही अगस्ता वेस्टलैंड कम्पनी हेलिकॉप्टर का अनुबंध पाने की दौड़ में आगे आ सकी थी।
3600 करोड़ रुपए से 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीद का सौदा किया था, लेकिन अनुबंध शर्तो के उल्लंघन और कांट्रैक्ट पाने के लिए रिश्वत बांटने के आरोप लगने के बाद भारत सरकार ने 2014 में यह सौदा रद्द कर दिया था। ईडी के मुताबिक, मिशेल को 12 हेलिकॉप्टर के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए 225 करोड़ दिए गए थे।