भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलाने के लिए काम जारी है। 2017 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के पीएम शिंजो आबे के साथ अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन की नीव रखी थी। बुलेट ट्रेन जापान में सबसे पहले चलाई गई थी। ये दुनिया की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है।
दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क वाला देश भारत भी अब हाईस्पीड बुलेट ट्रेन देश की कतार में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। दुनिया की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन चीन की CR400BF है। इसकी स्पीड 350 किमी/ घंटा और इसकी टॉप स्पीड 420 किमी/घंटा है।
जापान में हाई स्पीड ट्रेन चलाने की परिकल्पना 1930 में हुई थी और पहली बार यह साल 1964 में पटरियों पर दौड़ी। जब पहली बार यह ट्रेन चली तो दिखने में वह बंदूक की गोली जैसी नजर आई। जिसकी वजह से लोगों ने इसे बुलेट ट्रेन का नाम दे दिया।
जापान में लोग इसे शिनकाशेन यानी 'नई मेन लाइन' कहकर पुकारते हैं। जापान की सबसे तेज व्यवसायिक बुलेट ट्रेन फिलहाल 320 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम स्पीड से चलती है।
हाल में ही जापान ने सबसे तेज चलने वाली ट्रेन का टेस्ट किया है। इस बुलेट ट्रेन की रफ्तार 600 किलोमीटर प्रतिघंटे है। वहीं इससे पहले कारोबारी ट्रेन के तौर पर चीन की बुलेट ट्रेन सबसे तेज चलने वाली ट्रेन थी। बुलेट ट्रेन की टेक्नोलॉजी और तकनीक की बेहतरी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ये इतने वर्षों में किसी भी दुर्घटना का शिकार नहीं हुई है।
जापान में हर साल इन गाड़ियों का इस्तेमाल 33 करोड़ लोग करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस ट्रेन व्यवस्था में सिर्फ रफ्तार ही नहीं सुरक्षा भी है। जापान में बुलेट ट्रेन में दुर्घटना की वजह से आज तक एक की भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। पिछले 51 साल में इन रेलगाड़ियों के लेट होने का औसत एक मिनट से भी कम रहा है जबकि जापन में भूकंप ,सुनामी,तूफान लगातार आते रहते है। रोज ऐसी 800 से ज्यादा ट्रेन चलती हैं।