लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को अंदेशा जताते हुए कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में देरी हो सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी भी यही उम्मीद की जा रही है कि यह अपने तय समय पर शुरू हो सकता है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होता है।
पिछले साल, संसद का मानसून सत्र 20 जून से 7 अगस्त के बीच चला था।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण यह परीक्षण का समय था, लेकिन साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सत्र को सामान्य कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित किया जा सकता है।
ओम बिरला ने कहा, "कोरोना वायरस संकट के बावजूद, मुझे उम्मीद है कि समय पर सत्र आयोजित किया जा सकता है। लेकिन यह उस समय की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।"
इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि अगर जून-जुलाई में भी सख्त सामाजिक-सुरक्षा मानदंड रहे तो क्या संसद के सत्र को रोकना संभव होगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा, अगर ऐसी स्थिति आएगी, तब उस समय कोई रास्ता निकाला जा सकता है।
बता दें कि बिरला की पहल पर कोरोना काल के दौरान लोगों की मदद के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक कंट्रोल रूम बनाया गया था, इसी को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह प्रयोग बहुत सफल रहा, क्योंकि कई राज्यों के चुने हुए प्रतिनिधि एक-दूसरे के संपर्क में रहे और अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जो अन्य स्थानों पर अटके हुए लोग हैं उनकी मदद की।
बिरला ने कहा, "सांसदों ने लोगों तक पहुंच बनाई और इस महामारी के काल में लॉकडाउन के दौरान उनकी मदद की। सांसदों की प्रशंसा की जानी चाहिए और मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।"