हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप के मामले में मंगलवार को जेल भेजे गए सलीम बावरिया और उसके साथियों की बंदियों ने धुनाई कर दी। इससे जेल में हड़कंप मच गया। चीखपुकार सुनकर पहुंचे बंदी रक्षकों ने किसी तरह उन्हें बंदियों से बचाया। यही नहीं बंदियों ने उन्हें अपनी बैरक में रखने से भी मना कर दिया।
इसके बाद जेल प्रशासन ने सभी को अलग-अलग बैरक में भेज दिया। मालूम रहे कि 29 जुलाई की रात कोतवाली देहात क्षेत्र दोस्तपुर गांव के निकट हाईवे पर बदमाशों ने रोड होल्डअप कर मां-बेटी के साथ गैंगरेप किया था। मंगलवार दोपहर पुलिस ने मुख्य आरोपी सलीम बावरिया के साथ उसके दो साथियों परवेज और जुबेर की गिरफ्तारी दिखाकर खुलासा कर दिया।
इसके बाद शाम को करीब चार बजे तीनों दरिंदों को जेल भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो उनके पहुंचने से पहले ही बंदियों में उनके प्रति जबरदस्त गुस्सा था। तीनों के जेल पहुंचते ही बंदियों ने उन पर हमला कर दिया और लात घूंसों से जमकर पीटा। बंदी रक्षकों ने जैसे तैसे उन्हें बचाया। हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।
मारपीट की सूचना से जेल अफसरों में हड़कंप मच गया। बंदियों ने तीनों दरिंदों को अपनी बैरक में साथ रखने से भी मना कर दिया। हालांकि जेल प्रशासन ने अन्य बंदियों के साथ ही तीनों को अलग-अलग बैरक में रखा है। उधर, जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह का कहना है कि बंदियों में कोई मारपीट नहीं हुई है।