कोतवाली क्षेत्र के गांव लालपुर बंजरिया के गुरुद्वारे में मीटिंग के दौरान दो पक्षों में मारपीट हो गई। मारपीट में चोट लगने से 50 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कोतवाल का कहना कि वह हृदय रोगी था।
पुलिस ने गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह की ओर से पांच लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मृतक के भाई ने आरोपियों पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
सूचना के बाद भी पुलिस के नहीं पहुंचने पर प्रबंधक कमेटी ने भाजपा नेताओं को सूचना दी, तब पुलिस हरकत में आई। रविवार दोपहर गुरुद्वारे में नए भवन के निर्माण को लेकर कमेटी के प्रधान हरभजन सिंह ने एक मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में बातचीत चल रही थी।
बैठक में मौजूद एक पक्ष के गांव बंजरिया निवासी 50 वर्षीय सुखविंदर सिंह ने अपनी बात रखी। इस पर दूसरे पक्ष के लोग भड़क उठे। दोनों के बीच कहासुनी के साथ गाली गलौज होने लगी। बात इतनी बढ़ी कि मारपीट शुरू हो गई और दूसरे पक्ष के लोगों ने सुखविंदर पर हमला बोल दिया। इससे वह गिर गए। दोनों पक्षों में मारपीट से काफी देर तक भगदड़ का माहौल रहा।
इसी बीच सुखविंदर सिंह को अचेत देखा तो विपक्षी भाग खड़े हुए। गुरुद्वारा कमेटी के लोग सुखविंदर को अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे इसी बीच उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रधान हरभजन सिंह कोतवाली मोहम्मदी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस गंभीर नहीं हुई।
इससे नाराज होकर उन्होंने मामले की जानकारी भाजपा नेताओं को दी। सूचना पर भाजपा नेता विनोद मिश्रा, संदीप मेहरोत्रा कोतवाली पहुंचे और कोतवाल से कार्रवाई करने को कहा। तब हरकत में आई पुलिस मौके पर पहुंची।
सीओ मनोज कुमार यादव ने घटना स्थल का निरीक्षण किया औैर जानकारी ली। मृतक के भाई गुरमेल सिंह का कहना है कि विपक्षी बलवीर सिंह आदि नए गुरुद्वारा भवन के निर्माण का विरोध कर रहे थे।
इस पर आरोपियों ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी है। कोतवाल सीबी सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे के प्रधान हरभजन सिंह की ओर से गुरमीत सिंह, बलवीर सिंह, लखविंदर सिंह पुत्र बलदेव सिंह, लखविंदर सिंह पुत्र महेंद्र सिंह और मेजर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।