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खराब स्वास्थ्य प्रदर्शन करने वाले 14 राज्यों पर गिरेगी गाज, बजट में होगी कटौती

Thu, 10 Oct 2019 05:22 AM IST
गौरव पाण्डेय परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

  • 16 राज्यों में नहीं सुधरे हालात, 20 में बेहतर प्रदर्शन : नीति आयोग
  • दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के हालात गंभीर
  • हरियाणा-पंजाब में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर, मिलेगी अतिरिक्त मदद
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिलता है करोड़ों रुपये का बजट
  • यूपी में हुआ सुधार, चार राज्यों को मंत्रालय ने मदद से किया बाहर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों के खिलाफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय जल्द ही इन राज्यों को मिलने वाली सालाना आर्थिक मदद में कटौती करने जा रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट में करीब 14 राज्यों का प्रदर्शन सबसे खराब मिला है। 

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इन राज्यों में देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक शामिल है। जबकि हरियाणा और पंजाब की स्थिति में काफी सुधार आया है और इनकी रैंकिंग भी सुधरी है। मंत्रालय ने इन राज्यों को अतिरिक्त आर्थिक मदद करने का फैसला लिया है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंत्रालय ने पिछले साल रैकिंग सिस्टम शुरू किया था। इसकी रिपोर्ट अब जारी की गई है। इसमें दिल्ली सहित 10 राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को पैनल्टी पर रखा है। 

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चार राज्यों को किया गया बाहर

अधिकारी ने बताया कि चार राज्यों सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड को -20 अंकों के साथ बाहर कर दिया है। कुल 36 राज्य और केंद्र शासित राज्यों में जो राज्यों का प्रदर्शन न कम न सुधार मिला है। जबकि शेष 20 राज्यों को अतिरिक्त मदद की जाएगी।

मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आर्थिक मदद सालाना की जाती है। करीब 3265 करोड़ रुपये के इस बजट को सभी राज्यों को आवंटित किया जाता है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव मंद गति से देखने को मिल रहा है। इसीलिए 7 बिंदुओं के मानकों पर सभी राज्यों का आंकलन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है। जिन राज्यों का प्रदर्शन खराब है उन्हें इस बार 20 फीसदी तक बजट में कटौती की जाएगी।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छह राज्य

राज्य अंक
दादर एवं नागर हवेली  14
हरियाणा 13
असम 12
केरल 08
पंजाब 08
आंध्र प्रदेश 07
 

सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले छह राज्य

राज्य अंक
पश्चिम बंगाल -7
मध्यप्रदेश -7
उत्तराखंड -8
बिहार -12
लक्षद्वीप -12
दिल्ली -5

(बाहर किए चार राज्य इसमें शामिल नहीं हैं)

अंडमान निकोबार और राजस्थान को शून्य अंक मिला है। इसका मतलब इनके बजट में कटौती नहीं होगी, लेकिन इन्हें चेतावनी जरूर मिली है।
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नहीं किया सुधार, लगी करोड़ों रुपये की चपत

जिन राज्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया है उन्हें करोड़ों रुपये की चपत लगी है। केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद में इस बार करोड़ों रुपये की कटौती होगी। बिहार के बजट में करीब 155, मध्यप्रदेश 86, हिमाचल प्रदेश 9.56, जम्मू कश्मीर 9.69, उत्तराखंड 23.36, गोवा 0.56, पश्चिम बंगाल 60.35, मिजोरम 3.03, लक्ष्यद्वीप 0.66 और दिल्ली के बजट में 7.48 करोड़ रुपये की कटौती की जाएगी। जबकि परफॉर्मेंस से बाहर अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम को कोई मदद नहीं की जाएगी।

इन राज्यों को मिलेगा बोनस

जिन राज्यों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार मिला है उन्हें सरकार ने अतिरिक्त यानि बोनस देने का फैसला लिया है। इनमें यूपी को 50.24, हरियाणा को 34.15, पंजाब 22.59, त्रिपुरा 8.23, मणिपुर 5.08, असम को 129.42, पांडिचेरी 1.51, दमन और दीव 0.88, दादर नागर 2.68, चंडीगढ़ 1.3, तमिलनाडू 28.39, महाराष्ट्र 63.14, केरल 22.53, कर्नाटक 41.74, गुजरात 33.15, आंध्र प्रदेश 40, तेलंगाना 21, ओड़िशा 20, झारखंड 26 और छत्तीसगढ़ को 31 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा।

नीति आयोग की रिपोर्ट : 

  • 16 राज्यों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं आया है, 20 में बेहतर प्रदर्शन।
  • पंजाब और दमन-दीव में बेहतर तरीके से संचालित हैं हेल्थ और वेलनेस सेंटर।
  • जम्मू कश्मीर, बिहार, पश्चिम बंगाल, नागालैंड और अंडमान निकोबार में मानसिक स्वास्थ्य पर सुविधाएं बेहद निराशाजनक मिली हैं।
  • उत्तर प्रदेश और झारखंड में जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जरूरी।
  • देश की राजधानी दिल्ली में 30 वर्ष के एक भी व्यक्ति की जांच नहीं की गई।
  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पीएचसी स्तर पर काफी सुधार की आवश्यकता।
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